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गढ़वाल विवि ने रखा आयुर्वेदिक औषधि के क्षेत्र में कदम
श्रीनगर
Updated Wed, 04 Nov 2015 10:20 PM IST
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केंद्रीय गढ़वाल विवि अब आयुर्वेदिक औषधि के क्षेत्र में भी काम करेगा। विवि ने आयुर्वेदिक औषधि क्षेत्र में काम करने वाली प्रतिष्ठित कंपनी बाल रिसर्च फाउंडेशन से अनुबंध किया है। अनुबंध के तहत विवि हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने औषधीय पादपों की संरचना का अध्ययन व विश्लेषण करेगा। इस अध्ययन के बाद कंपनी विभिन्न परीक्षण कर उत्पाद तैयार करेगी।
गढ़वाल विवि ने आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में कदम रख लिया है। विवि ने बंगलूरू की एक प्रतिष्ठित कंपनी से अनुबंध किया है। गढ़वाल विवि के इतिहास में यह पहला औद्योगिक अनुबंध है। विवि के ओएसडी प्रो. डीएस नेगी ने बताया कि अनुबंध से विवि में औद्योगिक वातावरण तैयार होगा। अनुबंध के सफल रहने पर अन्य बड़ी कंपनियां भी विवि का रुख करेंगी। साथ ही शोध कार्यों के लिए विशेषज्ञों का आदान-प्रदान होगा। प्रो. नेगी ने बताया अनुबंध के तहत गढ़वाल विवि हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले औषधीय पादपों की संरचना, सक्रिय माल्यूक्यूलर पार्ट का विश्लेषण करेगा। विवि के अध्ययन के बाद कंपनी विभिन्न परीक्षणों के बाद उत्पाद तैयार करेगी। अनुबंध पर गढ़वाल विवि की ओर से ओएसडी प्रो. डीएस नेगी व बाल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से कंपनी के निदेशक डा. प्रसन्ना ने हस्ताक्षर किए हैं।
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गढ़वाल विवि ने आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में कदम रख लिया है। विवि ने बंगलूरू की एक प्रतिष्ठित कंपनी से अनुबंध किया है। गढ़वाल विवि के इतिहास में यह पहला औद्योगिक अनुबंध है। विवि के ओएसडी प्रो. डीएस नेगी ने बताया कि अनुबंध से विवि में औद्योगिक वातावरण तैयार होगा। अनुबंध के सफल रहने पर अन्य बड़ी कंपनियां भी विवि का रुख करेंगी। साथ ही शोध कार्यों के लिए विशेषज्ञों का आदान-प्रदान होगा। प्रो. नेगी ने बताया अनुबंध के तहत गढ़वाल विवि हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले औषधीय पादपों की संरचना, सक्रिय माल्यूक्यूलर पार्ट का विश्लेषण करेगा। विवि के अध्ययन के बाद कंपनी विभिन्न परीक्षणों के बाद उत्पाद तैयार करेगी। अनुबंध पर गढ़वाल विवि की ओर से ओएसडी प्रो. डीएस नेगी व बाल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से कंपनी के निदेशक डा. प्रसन्ना ने हस्ताक्षर किए हैं।
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