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जीआई टैगिंग से किसानों को केसर के दाम मिलेंगे दोगुने
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जम्मू। अक्तूबर माह में केसर की फसल तैयार होने से किसानों की आय में दोगुना इजाफा होगा। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि ऐसा जीआई टैगिंग शुरू होने के बाद हो रहा है। पहले कश्मीरी केसर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दो लाख प्रति किलो तक बिकता था, इस बार इसकी कीमत चार से पांच लाख होगी। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है।
कृषि विभाग के अनुसार केसर की जीआई टैगिंग से रेट में इजाफा हुआ है। अच्छी गुणवत्ता वाले केसर की डिमांड देश और विदेश में रहती है। वहीं, लोकल मार्केट में भी केसर खरीदा जाता है। कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में घटिया गुणवत्ता वाले केसर को बेच देते हैं। इस कारण कश्मीरी केसर को सही दाम नहीं मिल रहे थे। अब जीआई टैगिंग से रेट में इजाफा हुआ है। किसानों को नवंबर माह में केसर बेचकर डबल इनकम होगी। इस पर कृषि विभाग ने भी काम करना शुरू कर दिया है।
अफगानिस्तान में भी भेजा जाएगा
केसर को अफगानिस्तान, हॉलैंड, स्विट्जरलैंड समेत अन्य देशों को भी सप्लाई किया जाएगा। यहां से केसर के उचित दाम मिलते हैं। कश्मीर घाटी में 226 गांवों के लोग केसर की खेती पर निर्भर है।
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कोट
बार किसानों को केसर के दोगुने दाम मिलेंगे। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। विदेशों में भी केसर को भेजे जाने की पूरी तैयारी है। दो की जगह चार से पांच लाख प्रति किलो के हिसाब से केसर बेचा जाएगा।
- अल्ताफ अंद्राबी, निदेशक, केसर मिशन
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कृषि विभाग के अनुसार केसर की जीआई टैगिंग से रेट में इजाफा हुआ है। अच्छी गुणवत्ता वाले केसर की डिमांड देश और विदेश में रहती है। वहीं, लोकल मार्केट में भी केसर खरीदा जाता है। कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में घटिया गुणवत्ता वाले केसर को बेच देते हैं। इस कारण कश्मीरी केसर को सही दाम नहीं मिल रहे थे। अब जीआई टैगिंग से रेट में इजाफा हुआ है। किसानों को नवंबर माह में केसर बेचकर डबल इनकम होगी। इस पर कृषि विभाग ने भी काम करना शुरू कर दिया है।
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अफगानिस्तान में भी भेजा जाएगा
केसर को अफगानिस्तान, हॉलैंड, स्विट्जरलैंड समेत अन्य देशों को भी सप्लाई किया जाएगा। यहां से केसर के उचित दाम मिलते हैं। कश्मीर घाटी में 226 गांवों के लोग केसर की खेती पर निर्भर है।
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बार किसानों को केसर के दोगुने दाम मिलेंगे। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। विदेशों में भी केसर को भेजे जाने की पूरी तैयारी है। दो की जगह चार से पांच लाख प्रति किलो के हिसाब से केसर बेचा जाएगा।
- अल्ताफ अंद्राबी, निदेशक, केसर मिशन