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सात मुख्यमंत्री देने वाले जिले में अफसरों का अकाल
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12 तहसीलों के लिए एसडीएम के पद सिर्फ नौ और तैनात महज पांच। नायब तहसीलदारों के 15 पद लेकिन तैनात एक भी नहीं। यह स्थिति है देश को पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, उत्तराखंड को पांच और यूपी को दो मुख्यमंत्री देने वाले पौड़ी जिले की। यहां अधिकारियों की कमी की वजह से व्यवस्थाएं पटरी से उतर गईं हैं।
विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पौड़ी जिले में 12 तहसीलें हैं और एक उप-तहसील। जिले में हर एसडीएम के पास दो से तीन तहसीलों की जिम्मेदारी है। तहसीलदार के 12 पद हैं लेकिन तैनात सात ही हैं। चार तहसीलदारों के पास दो और एक तहसीलदार के पास तीन तहसीलों का जिम्मा है। सभी तहसीलें प्रभारी नायब तहसीलदारों के हवाले हैं। लोग समस्याओं के समाधान की उम्मीद में तहसील पहुंचते हैं और अधिकारियों की खाली कुर्सियां देख मायूस लौट जाते हैं। पढ़ाई और नौकरी के लिए जरूरी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए युवा भी भटकते रहते हैं।
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अधिकारियों के न होने से अग्निवीर भर्ती में शामिल होने के लिए युवा प्रमाणपत्रों के लिए भटक रहे हैं। पहाड़ की जनता के प्रति सरकार का रवैय्या उदासीन है। - सुरेंद्र सिंह रावत, पूर्व प्रमुख, पोखड़ा ब्लाक।
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सरकार एक ओर ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की बात करती है। दूसरी ओर अधिकारियों की कमी बता रही है कि सरकार पहाड़ की उपेक्षा का रही है। - नमन चंदोला, प्रदेश संयोजक, गैरसैंण क्रांति मोर्चा।
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यह हैं तहसीलें
कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, लैंसडौन, धुमाकोट, बीरोंखाल, थलीसैण, सतपुली, चौबट्टाखाल, जाखणीखाल, चाकीसैण, यमकेश्वर।
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एसडीएम के पास थे सात दायित्व
पौड़ी। एसडीएम श्रीनगर अजयवीर सिंह के पास चारधाम यात्रा के दौरान सात दायित्व थे। इनमें पांच तहसील, एक नगर निगम व एक नगर पंचायत में प्रशासक का जिम्मा था। वर्तमान में उनके पास श्रीनगर, बीरोंखाल, थलीसैण तहसीलों और नगर निगम श्रीनगर व नगर पंचायत थलीसैण के प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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दो कैबिनेट मंत्री पौड़ी से
पौड़ी। वर्तमान में दो कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खूंडूड़ी भी पौड़ी से हैं। एनएसए अजीत डोभाल भी पौड़ी जिले के ही मूल निवासी थे। साथ ही जनपद पौड़ी प्रदेश को पांच सीएम दे चुका है। इनमें बीसी खंडूड़ी, डा. रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा, त्रिवेंद्र सिंह रावत व तीरथ सिंह रावत शामिल हैं। इसके अलावा उत्तरप्रदेश को भी पौड़ी जिले ने दो मुख्यमंत्री दिए। इनमें हेमवती नंदन बहुगुणा और वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं।
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जिले की तहसीलों में अधिकारियों की कमी से अनेक प्रकार की परेशानियां सामने आ रही हैं। मामले में आयुक्त गढ़वाल और कार्मिक विभाग उत्तराखंड शासन से अधिकारियों की कमी दूर किए जाने को लेकर पत्राचार किया गया है। -डा. विजय कुमार जोगदंडे, डीएम पौड़ी।
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विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पौड़ी जिले में 12 तहसीलें हैं और एक उप-तहसील। जिले में हर एसडीएम के पास दो से तीन तहसीलों की जिम्मेदारी है। तहसीलदार के 12 पद हैं लेकिन तैनात सात ही हैं। चार तहसीलदारों के पास दो और एक तहसीलदार के पास तीन तहसीलों का जिम्मा है। सभी तहसीलें प्रभारी नायब तहसीलदारों के हवाले हैं। लोग समस्याओं के समाधान की उम्मीद में तहसील पहुंचते हैं और अधिकारियों की खाली कुर्सियां देख मायूस लौट जाते हैं। पढ़ाई और नौकरी के लिए जरूरी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए युवा भी भटकते रहते हैं।
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अधिकारियों के न होने से अग्निवीर भर्ती में शामिल होने के लिए युवा प्रमाणपत्रों के लिए भटक रहे हैं। पहाड़ की जनता के प्रति सरकार का रवैय्या उदासीन है। - सुरेंद्र सिंह रावत, पूर्व प्रमुख, पोखड़ा ब्लाक।
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सरकार एक ओर ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की बात करती है। दूसरी ओर अधिकारियों की कमी बता रही है कि सरकार पहाड़ की उपेक्षा का रही है। - नमन चंदोला, प्रदेश संयोजक, गैरसैंण क्रांति मोर्चा।
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यह हैं तहसीलें
कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, लैंसडौन, धुमाकोट, बीरोंखाल, थलीसैण, सतपुली, चौबट्टाखाल, जाखणीखाल, चाकीसैण, यमकेश्वर।
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एसडीएम के पास थे सात दायित्व
पौड़ी। एसडीएम श्रीनगर अजयवीर सिंह के पास चारधाम यात्रा के दौरान सात दायित्व थे। इनमें पांच तहसील, एक नगर निगम व एक नगर पंचायत में प्रशासक का जिम्मा था। वर्तमान में उनके पास श्रीनगर, बीरोंखाल, थलीसैण तहसीलों और नगर निगम श्रीनगर व नगर पंचायत थलीसैण के प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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दो कैबिनेट मंत्री पौड़ी से
पौड़ी। वर्तमान में दो कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खूंडूड़ी भी पौड़ी से हैं। एनएसए अजीत डोभाल भी पौड़ी जिले के ही मूल निवासी थे। साथ ही जनपद पौड़ी प्रदेश को पांच सीएम दे चुका है। इनमें बीसी खंडूड़ी, डा. रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा, त्रिवेंद्र सिंह रावत व तीरथ सिंह रावत शामिल हैं। इसके अलावा उत्तरप्रदेश को भी पौड़ी जिले ने दो मुख्यमंत्री दिए। इनमें हेमवती नंदन बहुगुणा और वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं।
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जिले की तहसीलों में अधिकारियों की कमी से अनेक प्रकार की परेशानियां सामने आ रही हैं। मामले में आयुक्त गढ़वाल और कार्मिक विभाग उत्तराखंड शासन से अधिकारियों की कमी दूर किए जाने को लेकर पत्राचार किया गया है। -डा. विजय कुमार जोगदंडे, डीएम पौड़ी।