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रामपुर गांव में हाथी ने ग्रामीण को दौड़ाया
कोटद्वार
Updated Sun, 15 Nov 2015 08:05 PM IST
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शहर से सटे सनेह पट्टी के रामपुर गांव में हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शाम ढलते ही हाथी के झुंड और टस्कर खेतों में घुस रहे हैं, जिससे लोगों को जान का खतरा बना हुआ है। शनिवार रात को जंगल से आबादी क्षेत्र में घुसे एक टस्कर हाथी ने काश्तकार को दौड़ा दिया।
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार देर शाम रामपुर निवासी कमल सिंह रावत अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे। इसी बीच एक टस्कर जंगलों से निकलकर आबादी में घुस आया और उन्हें देखकर हमला करने के लिए दौड़ा। कमल सिंह रावत ने शोर मचाते हुए जान बचाने के लिए दौड़ लगा दी। हाथी ने काफी दूर तक पीछा किया। ग्रामीण मोहन सिंह रावत का कहना है कि ग्रामीणों में हाथी की दहशत बनी हुई है। इससे पूर्व हाथी के हमले में एक ग्रामीण गंभीर घायल हो चुका है। काश्तकारों का रात को खेती, सिंचाई के काम से बाहर निकलना जान को जोखिम में डालने से कम नहीं है। लोगों की मानें तो टस्कर अब पटाखों की आवाज से भी नहीं डर रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार शनिवार देर शाम रामपुर निवासी कमल सिंह रावत अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे। इसी बीच एक टस्कर जंगलों से निकलकर आबादी में घुस आया और उन्हें देखकर हमला करने के लिए दौड़ा। कमल सिंह रावत ने शोर मचाते हुए जान बचाने के लिए दौड़ लगा दी। हाथी ने काफी दूर तक पीछा किया। ग्रामीण मोहन सिंह रावत का कहना है कि ग्रामीणों में हाथी की दहशत बनी हुई है। इससे पूर्व हाथी के हमले में एक ग्रामीण गंभीर घायल हो चुका है। काश्तकारों का रात को खेती, सिंचाई के काम से बाहर निकलना जान को जोखिम में डालने से कम नहीं है। लोगों की मानें तो टस्कर अब पटाखों की आवाज से भी नहीं डर रहा है।
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