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गढ़वाल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रति कुलपति के अधीन
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एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय मेें रोजाना परीक्षा नियंत्रक (सीओई) और छात्रों में हो रहे टकराव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला है। सीओई ऑफिस और परीक्षा अनुभाग को प्रति कुलपति के अधीन कर दिया है। यानी परीक्षा नियंत्रक प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट के अधीन काम करेंगे। परीक्षा संबंधित सभी कार्य प्रति कुलपति के नियंत्रण मेें होंगे।
एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद पहली बार यहां प्रो. अरुण रावत पूर्णकालिक परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किए गए हैं लेकिन वह छात्रों को रास नहीं आ रहे हैं। अकसर छात्रों और सीओई मेें टकराव होता रहता है। वर्तमान में छात्र उनको हटाने की मांग के लिए आंदोलनरत हैं। छात्रों का आरोप है कि सीओई उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं सुनते हैं। दो दिन पूर्व तीन सूत्री मांगों के लिए छात्रों ने उनको लगभग 10 घंटे तक बंधक बनाए रखा। विवि के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद छात्रों की सभी मांगों पर कार्रवाई हो गई। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को भी लग रहा है कि यदि सीओई छात्रों की जायज समस्याओं को सुन लेते तो यह नौबत नहीं आती। भविष्य में भी छात्रों से उनके टकराव की आशंका को देखते हुए सीओई ऑफिस और परीक्षा अनुभाग को प्रति कुलपति के अधीन करने का निर्णय लिया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि सीओई विश्वविद्यालय के सक्षम अधिकारियों में शामिल होते हैं। वह अपने स्तर पर निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी ने बताया कि परीक्षा संबंधित सभी कार्य प्रति कुलपति के नियंत्रण में होंगे। सीओई ऑफिस और परीक्षा अनुभागों में तैनात सभी अधिकारी/कर्मचारी प्रति कुलपति के अधीन काम करेंगे।
सीओई प्रो. अरुण रावत की अनुपस्थिति में सहायक कुलसचिव परीक्षा (एआर एक्जाम) अरविंद कुमार को सीओई की अतिरिक्त जिम्मेदारी देने का आदेश दिया गया था लेकिन इस आदेश को गढ़वाल विवि ने 24 घंटे में ही निरस्त कर दिया है।
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21 जुलाई को विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि विवि कार्यहित में एआर अरविंद कुमार को परीक्षा नियंत्रक की अनुपस्थिति में परीक्षा कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी दी जाती है। डॉ. आरसीएस राणा और डॉ. गंभीर कठैत को उनकी सहायता की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रो. रावत ने सहायक सीओई नियुक्त किए गए डॉ. प्रीतम नेगी को वापस उनके मूल विभाग भेजते हुए उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित बंडलों के चालान और संबंधित रजिस्टर डॉ. राणा को देने के आदेश दिए गए थे लेकिन शुक्रवार को इस आदेश को रद्द कर दिया गया। संवाद
सीओई प्रो. अरुण रावत के दफ्तर में दो दिन से ताले लटके हुए हैं। चर्चा है कि उनको अवकाश पर भेजा गया है। उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रो. रावत ने कुलसचिव को ई-मेल भेजकर उनको अनुपस्थित बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि 21 जुलाई को जारी आदेश में उन्हें अनुपस्थित बताया गया है जबकि कुलसचिव के माध्यम से यह अवगत कराया गया है कि कुलपति के निर्देशानुसार कुछ अवधि तक सीओई कार्यालय न खोला जाए। उन्होंने न तो अवकाश के लिए आवेदन किया है और न ही स्टेशन छोड़ा है। वह परीक्षा संबंधी कार्य कर रहे हैं। इधर, कुलसचिव डॉ. अजय खंडूूड़ी का कहना है कि सीओई कक्ष में ताला स्वयं प्रो. रावत ने लगाया है। ताले की चाभी उन्हीं के पास है। उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के बाद पहली बार यहां प्रो. अरुण रावत पूर्णकालिक परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किए गए हैं लेकिन वह छात्रों को रास नहीं आ रहे हैं। अकसर छात्रों और सीओई मेें टकराव होता रहता है। वर्तमान में छात्र उनको हटाने की मांग के लिए आंदोलनरत हैं। छात्रों का आरोप है कि सीओई उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं सुनते हैं। दो दिन पूर्व तीन सूत्री मांगों के लिए छात्रों ने उनको लगभग 10 घंटे तक बंधक बनाए रखा। विवि के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद छात्रों की सभी मांगों पर कार्रवाई हो गई। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को भी लग रहा है कि यदि सीओई छात्रों की जायज समस्याओं को सुन लेते तो यह नौबत नहीं आती। भविष्य में भी छात्रों से उनके टकराव की आशंका को देखते हुए सीओई ऑफिस और परीक्षा अनुभाग को प्रति कुलपति के अधीन करने का निर्णय लिया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि सीओई विश्वविद्यालय के सक्षम अधिकारियों में शामिल होते हैं। वह अपने स्तर पर निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी ने बताया कि परीक्षा संबंधित सभी कार्य प्रति कुलपति के नियंत्रण में होंगे। सीओई ऑफिस और परीक्षा अनुभागों में तैनात सभी अधिकारी/कर्मचारी प्रति कुलपति के अधीन काम करेंगे।
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सीओई प्रो. अरुण रावत की अनुपस्थिति में सहायक कुलसचिव परीक्षा (एआर एक्जाम) अरविंद कुमार को सीओई की अतिरिक्त जिम्मेदारी देने का आदेश दिया गया था लेकिन इस आदेश को गढ़वाल विवि ने 24 घंटे में ही निरस्त कर दिया है।
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21 जुलाई को विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि विवि कार्यहित में एआर अरविंद कुमार को परीक्षा नियंत्रक की अनुपस्थिति में परीक्षा कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी दी जाती है। डॉ. आरसीएस राणा और डॉ. गंभीर कठैत को उनकी सहायता की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रो. रावत ने सहायक सीओई नियुक्त किए गए डॉ. प्रीतम नेगी को वापस उनके मूल विभाग भेजते हुए उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित बंडलों के चालान और संबंधित रजिस्टर डॉ. राणा को देने के आदेश दिए गए थे लेकिन शुक्रवार को इस आदेश को रद्द कर दिया गया। संवाद
सीओई प्रो. अरुण रावत के दफ्तर में दो दिन से ताले लटके हुए हैं। चर्चा है कि उनको अवकाश पर भेजा गया है। उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रो. रावत ने कुलसचिव को ई-मेल भेजकर उनको अनुपस्थित बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि 21 जुलाई को जारी आदेश में उन्हें अनुपस्थित बताया गया है जबकि कुलसचिव के माध्यम से यह अवगत कराया गया है कि कुलपति के निर्देशानुसार कुछ अवधि तक सीओई कार्यालय न खोला जाए। उन्होंने न तो अवकाश के लिए आवेदन किया है और न ही स्टेशन छोड़ा है। वह परीक्षा संबंधी कार्य कर रहे हैं। इधर, कुलसचिव डॉ. अजय खंडूूड़ी का कहना है कि सीओई कक्ष में ताला स्वयं प्रो. रावत ने लगाया है। ताले की चाभी उन्हीं के पास है। उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।