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Pauri News: आरक्षित वनों को आग से बचाने के लिए शुरू की कंट्रोल बर्निंग
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पौड़ी। इस माह के दूसरे सप्ताह से शुरू होने वाले फायर सीजन को लेकर वन विभाग ने कंट्रोल बर्निंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिससे बेशकीमती आरक्षित वनों को आग से बचाया जा सके। विभाग के मुताबिक प्रभाग के तहत 4350 हेक्टेयर क्षेत्र में कंट्रोल बर्निंग का कार्य किया जा चुका है।
वन विभाग ने इस साल आरक्षित वनों को आग से बचाने के लिए रणनीति के तहत कार्य करना शुरू कर दिया है। जिसमें विभाग ने अभी तक 4350.20 हेक्टेयर में फैले वन क्षेत्र में कंट्रोल बर्निंग कर दी है। साथ ही 119.20 किमी में फैले फायर लाइनों में भी सफाई का कार्य किया किया जा रहा है। डीएफओ गढ़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि बीते साल गढ़वाल वन प्रभाग के अंतर्गत 113 वनाग्नि की घटनाएं हुईं। जिसमें करीब 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनों को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं को रोकने के लिए इस साल मानवीय बिस्तियों से सटे आरक्षित वनों में सघनता से सूखी पत्तियों को साफ किया जा रहा है। बताया कि पहाड़ों में वनाग्नि की अधिकांश घटनाएं मानवजनित होती हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों, स्वयंसेवी संगठनों एवं वन पंचायतों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। साथ ही जनपद भर में वनाग्नि प्रबंधन को लेकर ब्लॉक स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन समूह (आईआरटी) का गठन भी किया जाएगा।
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वन विभाग ने इस साल आरक्षित वनों को आग से बचाने के लिए रणनीति के तहत कार्य करना शुरू कर दिया है। जिसमें विभाग ने अभी तक 4350.20 हेक्टेयर में फैले वन क्षेत्र में कंट्रोल बर्निंग कर दी है। साथ ही 119.20 किमी में फैले फायर लाइनों में भी सफाई का कार्य किया किया जा रहा है। डीएफओ गढ़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि बीते साल गढ़वाल वन प्रभाग के अंतर्गत 113 वनाग्नि की घटनाएं हुईं। जिसमें करीब 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनों को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं को रोकने के लिए इस साल मानवीय बिस्तियों से सटे आरक्षित वनों में सघनता से सूखी पत्तियों को साफ किया जा रहा है। बताया कि पहाड़ों में वनाग्नि की अधिकांश घटनाएं मानवजनित होती हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों, स्वयंसेवी संगठनों एवं वन पंचायतों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। साथ ही जनपद भर में वनाग्नि प्रबंधन को लेकर ब्लॉक स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन समूह (आईआरटी) का गठन भी किया जाएगा।
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