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रंगारंग प्रस्तुति के साथ बैकुंठ चतुर्दशी मेले का आगाज
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जिले के गगवाडस्यूं घाटी में तीन दिवसीय बैकुंठ चतुर्दशी मेले का रंगारंग आगाज हो गया है। मेले के पहले दिन क्षेत्र के विभिन्न स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रही। बालिका सशक्तिकरण पर आदर्श प्राथमिक विद्यालय ल्वाली की झांकी ने सबको मंत्रमुग्ध किया।
मंगलवार को भगवान देवलेश्वर महादेव मंदिर में बौंसरी गांव के ग्रामीणों द्वारा डडुवा देवी कुंड में स्नान के बाद शिव ध्वजा चढ़ाने के साथ ही तीन दिवसीय बैकुंठ चतुर्दशी मेले का आगाज हो गया। मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख दीपक कुकसाल व प्रमुख कोट पूर्णिमा नेगी ने किया। प्रमुख कुकसाल ने मेला परिसर में छह बैंच व एक स्ट्रीट लगाए जाने की घोषणा भी की। कोट प्रमुख नेगी ने आयोजन को भव्य बनाए जाने में सहयोग का आश्वासन दिया।
मेले में विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। संचालन नागेंद्र जुगरान ने किया। इस अवसर पर जिला प्रचारक बृजमोहन, नगर मंडल अध्यक्ष भाजपा पौड़ी क्रांति किशोर नेगी, महामंत्री अनूप देवरानी, सिद्धपीठ श्री देवलेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष केशर सिंह कठैत, सचिव जगत किशोर बड़थ्वाल, राकेश डोभाल, सुरेशानंद बड़थ्वाल, धर्मवीर नेगी आदि मौजूद रहे।
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आज होगा खड़ा दीया अनुष्ठान
देवलेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार शाम छह बजे से खड़ा दिया अनुष्ठान होगा। अनुष्ठान के लिए सात दंपतियों संतान कामना के लिए पंजीकरण करा लिया है, जबकि 17 नवंबर की सुबह तक पंजीकरण कराया जा सकता है।
केदारखंड में है मंदिर की महिमा का वर्णन
देवलेश्वर महादेव मंदिर की महिमा का वर्णन केदारखंड में है। मंदिर के मुख्य पुजारी सुधीर चंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि मंदिर 23वां द्वाप्रांत में बना बताया जाता है। केदारखंड में कुमारी पीठ के 27वें श्लोक में देवलेश्वर महादेव का वर्णन है। मंदिर में स्थापित भृंगीशिला का वर्णन 184वें अध्याय के 12वें श्लोक में है। शिला का एक भाग किंकालेश्वर महादेव मंदिर है। परिसर में देवलेश्वर मंदिर के साथ ही शिव-पार्वती, श्रीगणेश, हनुमान, भैरव व वीरभद्र के मंदिर भी हैं।
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मंगलवार को भगवान देवलेश्वर महादेव मंदिर में बौंसरी गांव के ग्रामीणों द्वारा डडुवा देवी कुंड में स्नान के बाद शिव ध्वजा चढ़ाने के साथ ही तीन दिवसीय बैकुंठ चतुर्दशी मेले का आगाज हो गया। मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख दीपक कुकसाल व प्रमुख कोट पूर्णिमा नेगी ने किया। प्रमुख कुकसाल ने मेला परिसर में छह बैंच व एक स्ट्रीट लगाए जाने की घोषणा भी की। कोट प्रमुख नेगी ने आयोजन को भव्य बनाए जाने में सहयोग का आश्वासन दिया।
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मेले में विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। संचालन नागेंद्र जुगरान ने किया। इस अवसर पर जिला प्रचारक बृजमोहन, नगर मंडल अध्यक्ष भाजपा पौड़ी क्रांति किशोर नेगी, महामंत्री अनूप देवरानी, सिद्धपीठ श्री देवलेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष केशर सिंह कठैत, सचिव जगत किशोर बड़थ्वाल, राकेश डोभाल, सुरेशानंद बड़थ्वाल, धर्मवीर नेगी आदि मौजूद रहे।
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आज होगा खड़ा दीया अनुष्ठान
देवलेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार शाम छह बजे से खड़ा दिया अनुष्ठान होगा। अनुष्ठान के लिए सात दंपतियों संतान कामना के लिए पंजीकरण करा लिया है, जबकि 17 नवंबर की सुबह तक पंजीकरण कराया जा सकता है।
केदारखंड में है मंदिर की महिमा का वर्णन
देवलेश्वर महादेव मंदिर की महिमा का वर्णन केदारखंड में है। मंदिर के मुख्य पुजारी सुधीर चंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि मंदिर 23वां द्वाप्रांत में बना बताया जाता है। केदारखंड में कुमारी पीठ के 27वें श्लोक में देवलेश्वर महादेव का वर्णन है। मंदिर में स्थापित भृंगीशिला का वर्णन 184वें अध्याय के 12वें श्लोक में है। शिला का एक भाग किंकालेश्वर महादेव मंदिर है। परिसर में देवलेश्वर मंदिर के साथ ही शिव-पार्वती, श्रीगणेश, हनुमान, भैरव व वीरभद्र के मंदिर भी हैं।