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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 97 सीटों पर एडमिशन
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राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में राज्य कोटे से आवंटित एमबीबीएस की 103 सीटों में से 97 सीटों एडमिशन हो गया है। 8 सीट रिक्त रह गयी हैं। उक्त सीटों के लिए दूसरे राउंड की काउंसिलिंग प्रक्रिया चलेगी। इस साल काउंसिलिंग प्रक्रिया में खास बात यह रही कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में रियायती शुल्क की सीट उपलब्ध होने पर ज्यादातर अभ्यर्थियों ने यहां की च्वाइस फिलिंग की थी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट निर्धारित थी, लेकिन आर्थिक रुप से पिछड़े वर्ग के लिए 25 सीट बढ़ाए जाने की वजह से यहां अब कुल 125 सीट हो गयी हैं, जिसके चलते अखिल भारतीय कोटे की 19 और 106 सीट हो गयी हैं। नीट (राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा) 2019 में सफल 103 अभ्यर्थियों को राज्य कोटे से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ था। उक्त अभ्यर्थियों की प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया 8 से 12 जुलाई तक चली। प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. अमित सिंह ने बताया कि पांच दिनों तक चली प्रवेश प्रक्रिया में 97 छात्र-छात्राओं ने रिपोर्टिंग की। सभी ने प्रवेश ले लिया है। 96 छात्र-छात्राओं ने रियायती शुल्क में एमबीबीएस करने का बांड भरा है। उन्होंने बताया कि बांडधारी छात्र-छात्राओं से ट्यूशन फीस के 50 हजार रुपये और नॉनबांडेड छात्र से चार लाख रुपये लिए गए हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट निर्धारित थी, लेकिन आर्थिक रुप से पिछड़े वर्ग के लिए 25 सीट बढ़ाए जाने की वजह से यहां अब कुल 125 सीट हो गयी हैं, जिसके चलते अखिल भारतीय कोटे की 19 और 106 सीट हो गयी हैं। नीट (राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा) 2019 में सफल 103 अभ्यर्थियों को राज्य कोटे से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ था। उक्त अभ्यर्थियों की प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया 8 से 12 जुलाई तक चली। प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. अमित सिंह ने बताया कि पांच दिनों तक चली प्रवेश प्रक्रिया में 97 छात्र-छात्राओं ने रिपोर्टिंग की। सभी ने प्रवेश ले लिया है। 96 छात्र-छात्राओं ने रियायती शुल्क में एमबीबीएस करने का बांड भरा है। उन्होंने बताया कि बांडधारी छात्र-छात्राओं से ट्यूशन फीस के 50 हजार रुपये और नॉनबांडेड छात्र से चार लाख रुपये लिए गए हैं।
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