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हाईकोर्ट के निर्णय पर पटवारियों में खुशी
Updated Sun, 14 Jan 2018 10:41 PM IST
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पौड़ी। पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ ने राजस्व पुलिस व्यवस्था को छह माह के अंदर समाप्त कर अपराध विवेचना का काम सिविल पुलिस को सौंपने को लेकर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का स्वागत किया है।
संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह राणा ने कहा कि लंबे समय से राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक व अनुसेवकों के कई पद खाली चले आ रहे हैं। वर्तमान में एक राजस्व उपनिरीक्षक बिना किसी संसाधनों के 50 किमी से ज्यादा एक से अधिक राजस्व क्षेत्रों का काम देख रहा है। इसमें उसके वेतन की एक मोटी रकम व्यय हो जाती है। कई बार कानूनों में काफी बदलाव होते हैं, लेकिन राजस्व पुलिस को इसको लेकर कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। किसी मामले में कोई खामियां पाई जाती हैं तो विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिकूल प्रविष्टि और निलंबन कर उत्पीड़न किया जाता है। संगठन के आंदोलन को भी दबा दिया जाता है। ऐसे में हाईकोर्ट का यह फैसला पर्वतीय राजस्व निरीक्षक और उप निरीक्षकों को काफी राहत देने वाला है।
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संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह राणा ने कहा कि लंबे समय से राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक व अनुसेवकों के कई पद खाली चले आ रहे हैं। वर्तमान में एक राजस्व उपनिरीक्षक बिना किसी संसाधनों के 50 किमी से ज्यादा एक से अधिक राजस्व क्षेत्रों का काम देख रहा है। इसमें उसके वेतन की एक मोटी रकम व्यय हो जाती है। कई बार कानूनों में काफी बदलाव होते हैं, लेकिन राजस्व पुलिस को इसको लेकर कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। किसी मामले में कोई खामियां पाई जाती हैं तो विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिकूल प्रविष्टि और निलंबन कर उत्पीड़न किया जाता है। संगठन के आंदोलन को भी दबा दिया जाता है। ऐसे में हाईकोर्ट का यह फैसला पर्वतीय राजस्व निरीक्षक और उप निरीक्षकों को काफी राहत देने वाला है।
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