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शैक्षणिक व सांस्कृतिक स्पर्धाओं के साथ संपन्न हुआ संस्कृत संस्थान का वार्षिकोत्सव
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देवप्रयाग। श्रीरघुनाथ कृति संस्कृत संस्थान के वार्षिकोत्सव पर परिसर में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों ने संस्थान की त्रैमासिक पत्रिका रघुनाथ वार्तावली का विमोचन कर प्रतिभावान छात्रों को भी सम्मानित किया।
बुधवार को श्री रघुनाथ कृति परिसर में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ के प्रो. रमेश चंद्र पाड़े ने कहा कि संस्कृत का अध्ययन कर रहे छात्रों का भविष्य उज्जवल है। बशर्ते वे मन लगाकर अध्ययन करें। संस्कृत की दुनिया बड़ी विशाल एवं विस्तृत है। विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि देवप्रयाग स्थित संस्थान के इस परिसर का संपूर्ण देश में बड़ा महत्व होगा। डा. शिव शंकर मिश्र ने छात्रों को संस्कृत का महत्व बताया। परिसर के प्राचार्य प्रो. केबी सुब्बारायुडु ने कहा कि परिसर के भवनों का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही सभी छात्राओं को विश्वविद्यालय से सुविधाएं मिलने लगेगी। प्रो. बनमाली विश्वाल ने वार्षिक प्रतिवेदन पढ़ा। इस मौके पर गोला फेंक, दौड़, क्विज, भाषण, गायन आदि स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे छात्र छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन डा. नितेश द्विवेदी ने किया। इस मौके पर डा. आर बालमुर्गन , डा. कृपा शंकर शर्मा, डा. अरविंद गौर, डा. वीरेंद्र बत्र्वाल, डा. मुकेश, पंकज, अवधेश, विजेंद्र आदि मौजूद थे
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बुधवार को श्री रघुनाथ कृति परिसर में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ के प्रो. रमेश चंद्र पाड़े ने कहा कि संस्कृत का अध्ययन कर रहे छात्रों का भविष्य उज्जवल है। बशर्ते वे मन लगाकर अध्ययन करें। संस्कृत की दुनिया बड़ी विशाल एवं विस्तृत है। विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि देवप्रयाग स्थित संस्थान के इस परिसर का संपूर्ण देश में बड़ा महत्व होगा। डा. शिव शंकर मिश्र ने छात्रों को संस्कृत का महत्व बताया। परिसर के प्राचार्य प्रो. केबी सुब्बारायुडु ने कहा कि परिसर के भवनों का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही सभी छात्राओं को विश्वविद्यालय से सुविधाएं मिलने लगेगी। प्रो. बनमाली विश्वाल ने वार्षिक प्रतिवेदन पढ़ा। इस मौके पर गोला फेंक, दौड़, क्विज, भाषण, गायन आदि स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे छात्र छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन डा. नितेश द्विवेदी ने किया। इस मौके पर डा. आर बालमुर्गन , डा. कृपा शंकर शर्मा, डा. अरविंद गौर, डा. वीरेंद्र बत्र्वाल, डा. मुकेश, पंकज, अवधेश, विजेंद्र आदि मौजूद थे
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