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आशा कार्यकत्रियों ने किया एमआर टीकाकरण अभियान का बहिष्कार
Updated Mon, 30 Oct 2017 10:06 PM IST
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पौड़ी। छह दिन से कार्यबहिष्कार कर रहीं आशा कार्यकत्रियों ने सोमवार से शुरू हुए मीजल्स-रूबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान का भी बहिष्कार किया। इस कारण पहले दिन ही टीकाकरण समुचित ढंग से नहीं हो पाया। आशा स्वास्थ्य संगठन ने आज (मंगलवार) भी टीकाकरण का विरोध करने और जिला मुख्यालय में महारैली निकालने का निर्णय लिया।
मानदेय में बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियां छह दिन से कार्यबहिष्कार पर हैं। सोमवार को प्रदेश भर में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम एमआर टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। पहले दिन ही पौड़ी जिले के सभी ब्लाकों कोट, खिर्सू, बीरोंखाल, पौड़ी, थलीसैंण, पाबौ, कल्जीखाल की आशा कार्यकत्रियों ने अपने-अपने सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचकर टीकाकरण का विरोध किया। बीरोंखाल स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकत्रियों ने तालाबंदी भी की। संगठन की जिलाध्यक्ष सुमिता थपलियाल ने कहा कि जब तक आशा कार्यकत्रियों की मांगें पूरी नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों में कोट ब्लॉक अध्यक्ष धनमती जुयाल और मालती रावत आदि शामिल रहे।
इंसेट
आशा फेसिलीटेटर ने दी हड़ताल की चेतावनी
जिले में कार्यरत आशा फेसिलिटेटर, ब्लॉक समन्वयक, डाटा सहायक और कम्यूनिटी मोविलाइजर को भी तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। कर्मियों ने चेतावनी दी अगर उनका मानदेय शीघ्र जारी नहीं किया जाता तो, जिले में एनएचएम के तहत कार्यरत 950 संविदाकर्मी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
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मानदेय में बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियां छह दिन से कार्यबहिष्कार पर हैं। सोमवार को प्रदेश भर में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम एमआर टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। पहले दिन ही पौड़ी जिले के सभी ब्लाकों कोट, खिर्सू, बीरोंखाल, पौड़ी, थलीसैंण, पाबौ, कल्जीखाल की आशा कार्यकत्रियों ने अपने-अपने सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचकर टीकाकरण का विरोध किया। बीरोंखाल स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकत्रियों ने तालाबंदी भी की। संगठन की जिलाध्यक्ष सुमिता थपलियाल ने कहा कि जब तक आशा कार्यकत्रियों की मांगें पूरी नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों में कोट ब्लॉक अध्यक्ष धनमती जुयाल और मालती रावत आदि शामिल रहे।
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आशा फेसिलीटेटर ने दी हड़ताल की चेतावनी
जिले में कार्यरत आशा फेसिलिटेटर, ब्लॉक समन्वयक, डाटा सहायक और कम्यूनिटी मोविलाइजर को भी तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। कर्मियों ने चेतावनी दी अगर उनका मानदेय शीघ्र जारी नहीं किया जाता तो, जिले में एनएचएम के तहत कार्यरत 950 संविदाकर्मी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
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