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वन विभाग की कार्रवाई से टेंशन में पालिका
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:42 PM IST
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पौड़ी। कूड़ा निस्तारण के लिए मांडाखाल वन भूमि में चयनित स्थान को देने से वन विभाग ने साफ इनकार कर दिया है। डीएफओ गढ़वाल ने वन भूमि न देने संबंधी पत्र भी पालिका को दे दिया है। बहरहाल, जमीन अस्वीकृत होने के बाद पालिका एक बार फिर कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की तलाश में जुट गई है।
पौड़ी शहर में प्रतिदिन 15 क्विंटल जैविक और अजैविक कूड़ा होता है, लेकिन कूड़े को निस्तारित करने की अब तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। वर्तमान में पालिका रात या सुबह सबेरे मैसमोर गधेरे या फिर शहर के दाएं-बाएं किसी भी गधेरे में कूड़ा फेंक देती है। इस पर कई बार विवाद भी हुआ। डेढ़ साल पहले पालिका ने मांडाखाल में जमीन तो तलाशी, लेकिन जमीन में वन भूमि के पेच के चलते मामला अटका रहा। स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने के बाद पालिका को वन भूमि मिलने की उम्मीद थी।
प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मण सिंह ने पालिका को पत्र भेजकर स्पष्ट कहा है कि मांडाखाल वन भूमि का पालिका कूड़ा निस्तारण के लिए उपयोग नहीं कर सकती। अधिशासी अधिकारी विनोद शाह ने बताया कि पालिका अब नई जगह तलाश रही है। उम्मीद है कि जमीन उपलब्ध हो जाएगी। पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम ने कहा कि वन विभाग ने स्पष्ट इनकार कर दिया है। इस संबंध में वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
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पौड़ी शहर में प्रतिदिन 15 क्विंटल जैविक और अजैविक कूड़ा होता है, लेकिन कूड़े को निस्तारित करने की अब तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। वर्तमान में पालिका रात या सुबह सबेरे मैसमोर गधेरे या फिर शहर के दाएं-बाएं किसी भी गधेरे में कूड़ा फेंक देती है। इस पर कई बार विवाद भी हुआ। डेढ़ साल पहले पालिका ने मांडाखाल में जमीन तो तलाशी, लेकिन जमीन में वन भूमि के पेच के चलते मामला अटका रहा। स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने के बाद पालिका को वन भूमि मिलने की उम्मीद थी।
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प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मण सिंह ने पालिका को पत्र भेजकर स्पष्ट कहा है कि मांडाखाल वन भूमि का पालिका कूड़ा निस्तारण के लिए उपयोग नहीं कर सकती। अधिशासी अधिकारी विनोद शाह ने बताया कि पालिका अब नई जगह तलाश रही है। उम्मीद है कि जमीन उपलब्ध हो जाएगी। पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम ने कहा कि वन विभाग ने स्पष्ट इनकार कर दिया है। इस संबंध में वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
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