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फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी पाने वाले शिक्षक के खिलाफ केस
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श्रीनगर। जीआईसी राड़ागाड़ के एक शिक्षक के खिलाफ फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले में कोतवाली कीर्तिनगर में केस दर्ज किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी डा. सुरेंद्र नेगी की तहरीर पर पुलिस ने लिब्बरहेड़ी (मंगलौर) जनपद हरिद्वार निवासी उपेंद्र सिंह के खिलाफ जालसाजी और फर्जी कागजात प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी करने का मुकदमा दर्ज किया है।
फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों का भंडाफोड़ होने पर एसआईटी प्रदेश में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है। जांच में कीर्तिनगर ब्लाक के राजकीय इंटर कॉलेज राड़ागाड़ में तैनात अंग्रेजी के सहायक अध्यापक उपेंद्र सिंह का नाम भी सामने आया है। उक्त शिक्षक के स्नातक और परास्नातक के अंकपत्र व प्रमाणपत्र संबंधी ब्योरा लखनऊ विवि में उपलब्ध नहीं है। एसआईटी ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर शिक्षक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति की थी।
पत्र के अनुपालन में मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक ने बीईओ को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। 11 फरवरी को उपेंद्र सिंह अपने कागजातों सहित अपना पक्ष रखने बीईओ के समक्ष पेश हुआ। उसने लिखित रुप से अपना पक्ष देते हुए अपने प्रमाणपत्रों की पुन: जांच करने की मांग की। बीईओ डा. नेगी ने बताया कि आरोपी शिक्षक ने मौके पर जो प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए, वह नियुक्ति के समय प्रस्तुत और एसआईटी के पास उपलब्ध प्रमाणपत्रों से मेल नहीं खा रहे थे। इस आधार पर बीईओ ने उपेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने की तहरीर दी। कोतवाल जवाहर लाल ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर आरोपी शिक्षक के विरुद्ध जालसाजी से सरकारी नौकरी पाने का केस दर्ज कर लिया गया है।
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फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों का भंडाफोड़ होने पर एसआईटी प्रदेश में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है। जांच में कीर्तिनगर ब्लाक के राजकीय इंटर कॉलेज राड़ागाड़ में तैनात अंग्रेजी के सहायक अध्यापक उपेंद्र सिंह का नाम भी सामने आया है। उक्त शिक्षक के स्नातक और परास्नातक के अंकपत्र व प्रमाणपत्र संबंधी ब्योरा लखनऊ विवि में उपलब्ध नहीं है। एसआईटी ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर शिक्षक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति की थी।
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पत्र के अनुपालन में मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक ने बीईओ को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। 11 फरवरी को उपेंद्र सिंह अपने कागजातों सहित अपना पक्ष रखने बीईओ के समक्ष पेश हुआ। उसने लिखित रुप से अपना पक्ष देते हुए अपने प्रमाणपत्रों की पुन: जांच करने की मांग की। बीईओ डा. नेगी ने बताया कि आरोपी शिक्षक ने मौके पर जो प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए, वह नियुक्ति के समय प्रस्तुत और एसआईटी के पास उपलब्ध प्रमाणपत्रों से मेल नहीं खा रहे थे। इस आधार पर बीईओ ने उपेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने की तहरीर दी। कोतवाल जवाहर लाल ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर आरोपी शिक्षक के विरुद्ध जालसाजी से सरकारी नौकरी पाने का केस दर्ज कर लिया गया है।
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