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शराब विरोधी आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमें हों वापस
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श्रीनगर। शराब विरोधी आंदोलनकारियों ने उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की। कहा कि यदि जल्द ही सरकार ने इस संबंध में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो इसका करारा जवाब लोकसभा चुनाव में दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को गंगा आरती समिति, गोतीर्थाश्रम, हिमालय बचाओ आंदोलन व मलेथा बचाओ संघर्ष समिति ने पत्रकार वार्ता आयोजित की। गंगा आरती समिति व गोतीर्थाश्रम समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं सहित अन्य लोगों ने पहाड़ में शराब के विरोध में आंदोलन किया था। आंदोलनों को दबाने के लिए शासन ने आंदोलनकारियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज करवाए। नैथानी ने कहा कि शराब के विरोध में आंदोलन समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जनांदोलन था, जिसमें किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत व जानमाल की हानि नहीं हुई।
हिमालय बचाओ आंदोलन के समीर रतूड़ी ने कहा कि शांतिपूर्ण व अहिंसापूर्वक चलाए गए इस आंदोलन को कुचलने का भरसक प्रयास किया गया। मलेथा बचाओ संघर्ष समिति के देव सिंह नेगी ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल महिलाओं पर भी बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हुए हैं। आंदोलनकारियों ने तत्काल इन मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो लोकसभा चुनाव में करारा जवाब दिया जाएगा। गंगा आरती समिति की ओर से मुख्य मंत्री को मुकदमे वापस लेने के संबंध में ज्ञापन भी भेजा गया। पत्रकार वार्ता के दौरान खेम सिंह चौहान, वीरा गैरोला, इंदिरा बिष्ट, लक्ष्मी जसोला, कमला जैन, सुनीता कोटियाल, सत्या काला आदि मौजूद थे।
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बृहस्पतिवार को गंगा आरती समिति, गोतीर्थाश्रम, हिमालय बचाओ आंदोलन व मलेथा बचाओ संघर्ष समिति ने पत्रकार वार्ता आयोजित की। गंगा आरती समिति व गोतीर्थाश्रम समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं सहित अन्य लोगों ने पहाड़ में शराब के विरोध में आंदोलन किया था। आंदोलनों को दबाने के लिए शासन ने आंदोलनकारियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज करवाए। नैथानी ने कहा कि शराब के विरोध में आंदोलन समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जनांदोलन था, जिसमें किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत व जानमाल की हानि नहीं हुई।
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हिमालय बचाओ आंदोलन के समीर रतूड़ी ने कहा कि शांतिपूर्ण व अहिंसापूर्वक चलाए गए इस आंदोलन को कुचलने का भरसक प्रयास किया गया। मलेथा बचाओ संघर्ष समिति के देव सिंह नेगी ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल महिलाओं पर भी बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हुए हैं। आंदोलनकारियों ने तत्काल इन मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो लोकसभा चुनाव में करारा जवाब दिया जाएगा। गंगा आरती समिति की ओर से मुख्य मंत्री को मुकदमे वापस लेने के संबंध में ज्ञापन भी भेजा गया। पत्रकार वार्ता के दौरान खेम सिंह चौहान, वीरा गैरोला, इंदिरा बिष्ट, लक्ष्मी जसोला, कमला जैन, सुनीता कोटियाल, सत्या काला आदि मौजूद थे।
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