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भवर ष्य में होने वाले रोगों का लगाया जा सकेगा पता-compat
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:04 PM IST
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पौड़ी। ट्रिपल आईटी जबलपुर के प्रोफेसर डा. अनिल कुमार का कहना है कि बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंग के जरिये डीएनए पैटर्न से भविष्य में होने वाले कैंसर या फिर अन्य रोगों का पता लगाया जा सकेगा।
डा. अनिल मंगलवार को जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को लेकर आयोजित पांच दिवसीय सेमिनार के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पैटर्न से यह भी पता लगाया जा सकता है कि किस व्यक्ति को भविष्य में किस तरह के रोग हो सकते हैं। रोगियों के इलाज में यह पैटर्न सहायक साबित हो सकता है।
सेमिनार में ईसीजी, ईएमजी, ईईजी तकनीकों पर भी प्रकाश डाला गया। समन्वयक एचएस भदौरिया ने कहा कि पांच दिवसीय कार्यशाला शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण साबित होगी। सेमिनार में संस्थान के निदेशक डा. महीपाल सिंह चौहान, एसोसिएट प्रोफेसर डा. प्रीति डिमरी, असिस्टेंट प्रोफेसर विवेक कुमार टम्टा, भूमिका गुप्ता, ज्योति रावत, रजनी नेगी, डा.आशीष नेगी आदि मौजूद रहे।
डा. अनिल मंगलवार को जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को लेकर आयोजित पांच दिवसीय सेमिनार के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पैटर्न से यह भी पता लगाया जा सकता है कि किस व्यक्ति को भविष्य में किस तरह के रोग हो सकते हैं। रोगियों के इलाज में यह पैटर्न सहायक साबित हो सकता है।
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सेमिनार में ईसीजी, ईएमजी, ईईजी तकनीकों पर भी प्रकाश डाला गया। समन्वयक एचएस भदौरिया ने कहा कि पांच दिवसीय कार्यशाला शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण साबित होगी। सेमिनार में संस्थान के निदेशक डा. महीपाल सिंह चौहान, एसोसिएट प्रोफेसर डा. प्रीति डिमरी, असिस्टेंट प्रोफेसर विवेक कुमार टम्टा, भूमिका गुप्ता, ज्योति रावत, रजनी नेगी, डा.आशीष नेगी आदि मौजूद रहे।
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