{"_id":"5b40f02a4f1c1bbc248b5092","slug":"191530982442-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआईटी कैंपस के लिए भूमि का रास्ता हुआ साफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनआईटी कैंपस के लिए भूमि का रास्ता हुआ साफ
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। एनआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) श्रीनगर कैंपस के लिए जलेथा और हरकंडी के ग्रामीण बिना शर्त भूमि देने को तैयार हैं। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि भूमि की तकनीकी जांच कराई जा रही है। इसके बाद प्रस्ताव शासन एवं केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
श्रीनगर में एनआईटी कैंपस निर्माण का मामला भूमि उपलब्ध न होने के कारण आठ साल से लटका हुआ है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से सुमाड़ी में इसके लिए भूमि तय की थी, लेकिन इस भूमि के असुरक्षित होने का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की ओर से दूसरी भूमि तलाशने को कहा गया था। अस्थायी कैंपस में सुविधाएं न होने से संस्थान के छात्रों की ओर से इसे मैदान में शिफ्ट किए जाने की मांग की जा रही थी। एनआईटी के लिए अब जलेथा और हरकंडी के ग्रामीण बिना शर्त भूमि देने को तैयार हैं।
विज्ञापन
श्रीनगर में एनआईटी कैंपस निर्माण का मामला भूमि उपलब्ध न होने के कारण आठ साल से लटका हुआ है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से सुमाड़ी में इसके लिए भूमि तय की थी, लेकिन इस भूमि के असुरक्षित होने का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की ओर से दूसरी भूमि तलाशने को कहा गया था। अस्थायी कैंपस में सुविधाएं न होने से संस्थान के छात्रों की ओर से इसे मैदान में शिफ्ट किए जाने की मांग की जा रही थी। एनआईटी के लिए अब जलेथा और हरकंडी के ग्रामीण बिना शर्त भूमि देने को तैयार हैं।
विज्ञापन