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फुटबाल के चमकते सितारे, राष्ट्रीय स्तर पर बिखरेंगे चमक
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:02 PM IST
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पौड़ी। अंडर-19 के चार चमकते सितारे फुटबाल में दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि एक दिन फुटबाल की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनकर वे पौड़ी का नाम पूरे देश में रोशन करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच रहे खिलाड़ियों का अपने युवा साथियों के लिए एक ही संदेश है कि वे खेलों में अपने भविष्य की नींव रखें।
दूध बेचकर चलता है घर खर्च
फोटो
जीआईसी मोटाढांक से इंटर के बाद बॉबी पाल इंटर यूनिवर्सिटी की टीम में जगह बना चुके हैं। इससे पहले वह इंटर कालेज स्तर पर त्रिपुरा व जम्मू-कश्मीर में प्रदेश की नेशनल टीम का हिस्सा रहे। अब इंटर यूनिवर्सिटी से वह राष्ट्रीय टीम में शामिल होने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। बॉबी पाल बताते हैं कि फुटबाल से ही वह ऊंचाइयां छूना चाहते हैं। पिता दूध की डेरी चलाते हैं और उसी से घर खर्च चलता है। बॉबी पाल की पढ़ाई भी उसी से चल रही है। बाबी के हौसलें बुलंद हैं और वह भारत की नेशनल टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं।
फुटबाल है अमन का मिशन
फोटो
फुटबाल एक बार पांव पर चिपक जाए तो फिर गोल कर ही वापस लौटने वाले अमन रावत का नेशनल स्पर्धा के लिए चयन हुआ है। डीएवी इंटर कालेज में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत अमन फुटबाल को मिशन बना चुके हैं। जहां भी फुटबाल खेलने को मिले, वह पहुंच जाते हैं। पिता केंद्रीय विद्यालय में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। नेशनल में जी जान से खेलने के संकल्प के साथ अमन मेहनत में जुटे हैं।
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खेल कोटे से सेना में भर्ती होना है मकसद
फोटो
जीजीआईसी पौड़ी में 12वीं कक्षा के छात्र विशाल पंवार का नेशनल स्पर्धा के लिए चयन हुआ है। मुंबई में यह स्पर्धा होगी। विशाल पंवार का लक्ष्य है कि राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने के साथ खेल कोटे से सेना में भर्ती हों और इंडियन आर्मी की फुटबाल टीम में मेंबर बनने के लिए वह पसीना बहा रहे हैं। विशाल का लक्ष्य तय है और अब सिर्फ गोल दागने बाकी हैं।
इंटर यूनिवर्सिटी की तैयारी में जितेंद्र
फोटो
एचएनबी कोटद्वार कला वर्ग प्रथम वर्ष के छात्र जितेंद्र यादव इंटर यूनिवर्सिटी की तैयारी में जुटे हैं। इससे पहले वह गोवा व त्रिपुरा में दो बार नेशनल खेल चुके हैं। इसके बाद यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी की फुटबाल टीम का हिस्सा बनने के लिए वह कड़ी मेहनत में जुटे हैं। जितेंद्र यादव के पिता प्राइवेट जॉब करते हैं।
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दूध बेचकर चलता है घर खर्च
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जीआईसी मोटाढांक से इंटर के बाद बॉबी पाल इंटर यूनिवर्सिटी की टीम में जगह बना चुके हैं। इससे पहले वह इंटर कालेज स्तर पर त्रिपुरा व जम्मू-कश्मीर में प्रदेश की नेशनल टीम का हिस्सा रहे। अब इंटर यूनिवर्सिटी से वह राष्ट्रीय टीम में शामिल होने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। बॉबी पाल बताते हैं कि फुटबाल से ही वह ऊंचाइयां छूना चाहते हैं। पिता दूध की डेरी चलाते हैं और उसी से घर खर्च चलता है। बॉबी पाल की पढ़ाई भी उसी से चल रही है। बाबी के हौसलें बुलंद हैं और वह भारत की नेशनल टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं।
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फुटबाल है अमन का मिशन
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फुटबाल एक बार पांव पर चिपक जाए तो फिर गोल कर ही वापस लौटने वाले अमन रावत का नेशनल स्पर्धा के लिए चयन हुआ है। डीएवी इंटर कालेज में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत अमन फुटबाल को मिशन बना चुके हैं। जहां भी फुटबाल खेलने को मिले, वह पहुंच जाते हैं। पिता केंद्रीय विद्यालय में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। नेशनल में जी जान से खेलने के संकल्प के साथ अमन मेहनत में जुटे हैं।
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खेल कोटे से सेना में भर्ती होना है मकसद
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जीजीआईसी पौड़ी में 12वीं कक्षा के छात्र विशाल पंवार का नेशनल स्पर्धा के लिए चयन हुआ है। मुंबई में यह स्पर्धा होगी। विशाल पंवार का लक्ष्य है कि राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने के साथ खेल कोटे से सेना में भर्ती हों और इंडियन आर्मी की फुटबाल टीम में मेंबर बनने के लिए वह पसीना बहा रहे हैं। विशाल का लक्ष्य तय है और अब सिर्फ गोल दागने बाकी हैं।
इंटर यूनिवर्सिटी की तैयारी में जितेंद्र
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एचएनबी कोटद्वार कला वर्ग प्रथम वर्ष के छात्र जितेंद्र यादव इंटर यूनिवर्सिटी की तैयारी में जुटे हैं। इससे पहले वह गोवा व त्रिपुरा में दो बार नेशनल खेल चुके हैं। इसके बाद यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी की फुटबाल टीम का हिस्सा बनने के लिए वह कड़ी मेहनत में जुटे हैं। जितेंद्र यादव के पिता प्राइवेट जॉब करते हैं।