श्रीनगर। उत्तराखंड रक्षा अभियान के संयोजक ने उत्तराखंड चारधाम यात्रा मार्गों पर संचालित की जा रही मांस व मदिरा की दुकानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर इस प्रकार के व्यवसाय को आस्था के साथ खिलवाड़ व देवभूमि की गरिमा के विपरीत बताया।
शनिवार को जनपद रुद्रप्रयाग व चमोली जिले के धार्मिक व पर्यटक स्थलों का भ्रमण कर श्रीनगर पहुंचे उत्तराखंड रक्षा अभियान के संयोजक हरी किशन किमोठी ने अव्यवस्थाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से शुरू होने वाले देवभूमि के चार धाम यात्रा मार्गों पर मांस व मदिरा की दुकानें संचालित की जा रही है, जिससे कि देवभूमि की छवि धूमिल हो रही है। किमोठी ने चारधाम यात्रा मार्गों व स्थलों पर मौजूद होटलों, ढाबा संचालकों की ओर से तीर्थयात्रियों से मनचाहे रेट वसूलने पर भी आपत्ति जताई है। साथ ही यात्रा के दौरान फैली अव्यवस्थाओं पर भी सरकार के दावों को खोखला बताया है। कहा कि यात्रियों को आए दिन जाम की समस्या, पैट्रोल की कमी, एटीम खाली जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से यात्रा मार्गों से मांस व मदिरा की दुकानों को हटाए जाने, यात्रियों को सुविधा देने, दक्षिण के मंदिरों की तर्ज पर ड्रेस कोड जारी करने, देवभूमि की सभ्यता व संस्कृति को बचाने के लिए भू-कानून बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए चमोली व रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा गया है। इस मौके पर देवेंद्र दत्त सिलस्वाल, अनिल सेंदवाल, अजय पंवार, राहुल बैलवाल आदि मौजूद थे।