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चित्रकार बी. मोहन के चित्र पीढ़ियों को देते रहेंगे प्रेरणा
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:47 PM IST
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पौड़ी। कल्जीखाल ब्लॉक के पट्टी मनियारस्यूं में जन्मे प्रसिद्ध चित्रकार बी.मोहन नेगी नहीं रहे। देहरादून स्थित कैलाश अस्पताल में बुधवार रात अंतिम सांस ली। बी मोहन भले ही अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उत्तराखंड चित्रकला में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। चित्रकला की सेवा में जीवन बिताने वाले बी. मोहन नेगी को कई पुरस्कार मिले।
वर्ष 1984 में पहली बार उनकी कविता, पोस्टर और चित्रकला को राष्ट्रीय मंच मिला। इस दौर में उन्होंने दिल्ली, लखनऊ और मुंबई में प्रदर्शनी लगाकर उत्तराखंड की चित्रकला की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदेश के हर आयोजन में उनके कविता पोस्टर लोगों के मन में जगह बना लेते। यही वजह रही कि उन्हें हिमगिरि सम्मान, लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल, प्रकाश पुरोहित जयदीप, चंद्र कुंवर बर्त्वाल, देवभूमि, गढ़ विभूति, हिलांस जैसे सम्मान से विभूषित किया गया।
गोपेश्वर, गौचर और पौड़ी में पोस्ट आफिस में सेवा देते हुए बी. मोहन नेगी ने चित्रकला के क्षेत्र में कदम रखा। हंस मुख और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी बी. मोहन नेगी चित्रकला के अलावा डाक टिकटों और देश-विदेश के नोटों के कलेक्शन का भी शौक रखते थे। डाक टिकटों पर भी उनके कविता पोस्टर ज्वलंत है। इसके अलावा, पौड़ी शहर की समस्याओं पर भी कोलाज तैयार करना और उसे अधिकारियों तक पहुंचाना उनकी आदत थी। पेयजल, सड़क और स्कूल उनके केंद्र में रहे।
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इनसेट
पौड़ी शहर में शोक
बुधवार रात प्रसिद्ध चित्रकार बी.मोहन नेगी के निधन की खबर पौड़ी पहुंचते ही शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी। नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य उमाचरण बड़थ्वाल, संजय डबराल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत, कांग्रेेस जिलाध्यक्ष कामेश्वर राणा, कई पत्रकार बंधुओं ने शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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वर्ष 1984 में पहली बार उनकी कविता, पोस्टर और चित्रकला को राष्ट्रीय मंच मिला। इस दौर में उन्होंने दिल्ली, लखनऊ और मुंबई में प्रदर्शनी लगाकर उत्तराखंड की चित्रकला की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदेश के हर आयोजन में उनके कविता पोस्टर लोगों के मन में जगह बना लेते। यही वजह रही कि उन्हें हिमगिरि सम्मान, लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल, प्रकाश पुरोहित जयदीप, चंद्र कुंवर बर्त्वाल, देवभूमि, गढ़ विभूति, हिलांस जैसे सम्मान से विभूषित किया गया।
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गोपेश्वर, गौचर और पौड़ी में पोस्ट आफिस में सेवा देते हुए बी. मोहन नेगी ने चित्रकला के क्षेत्र में कदम रखा। हंस मुख और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी बी. मोहन नेगी चित्रकला के अलावा डाक टिकटों और देश-विदेश के नोटों के कलेक्शन का भी शौक रखते थे। डाक टिकटों पर भी उनके कविता पोस्टर ज्वलंत है। इसके अलावा, पौड़ी शहर की समस्याओं पर भी कोलाज तैयार करना और उसे अधिकारियों तक पहुंचाना उनकी आदत थी। पेयजल, सड़क और स्कूल उनके केंद्र में रहे।
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पौड़ी शहर में शोक
बुधवार रात प्रसिद्ध चित्रकार बी.मोहन नेगी के निधन की खबर पौड़ी पहुंचते ही शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी। नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य उमाचरण बड़थ्वाल, संजय डबराल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत, कांग्रेेस जिलाध्यक्ष कामेश्वर राणा, कई पत्रकार बंधुओं ने शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।