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कैंसर व हृदय रोग के उपचार में मददगार डिजिटल इमेज
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:33 PM IST
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पौड़ी। जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी घुड़दौड़ी में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग एंड इट्स एप्लीकेशन सेमिनार में डिजिटल इमेज पर चर्चा की गई। बताया गया कि डिजिटल इमेज के माध्यम से कैंसर, ब्रेन, हार्ट, लीवर जैसे अंगों का इलाज बेहद आसान हो जाता है। इससे पता चल जाता है कि शरीर के कौन से अंग को बीमारी प्रभावित कर रही है।
जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग सेमिनार के अंतिम दिन विशेषज्ञों ने शोधपत्रों के जरिए भी इस प्रोसेसिंग की जानकारी दी। आईआईटी पटना के डा. राजीव झा ने बताया कि नोईस रिकोगनिशन सिस्टम डिस्ट्रोट करती है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल किया जाए तो एक निश्चित माप के बाद सिस्टम के परफोरमेंस में सुधार आता है। सीएसआईआर चंडीगढ़ के वैज्ञानिक डा. जितेंद्र विरमानी ने ब्रेस्ट कैंसर और ब्रेस्ट सेल्स के वर्गीकरण की जानकारी दी। प्रयोगशाला में किए गए प्रयोग के परिणाम भी उन्होंने शोधकर्ताओं को दिखाए। कार्यशाला में कंप्यूटर साइंस के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट डॉ. आशीष नेगी, डा. एसएस भदौरिया, डा. एमके पांडा, डा. यशवंत सिंह चौहान, डा. भोला झा, डा. अशुतोष गुप्ता, डा. वीएम मिश्रा, डा. भूमिका गुप्ता, नितिन बलियान, बीएम ठक्कर, जोगेंद्र सिंह, सिद्धार्थ, पपेंद्र कुमार व केडी नारायण आदि मौजूद रहे।
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जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग सेमिनार के अंतिम दिन विशेषज्ञों ने शोधपत्रों के जरिए भी इस प्रोसेसिंग की जानकारी दी। आईआईटी पटना के डा. राजीव झा ने बताया कि नोईस रिकोगनिशन सिस्टम डिस्ट्रोट करती है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल किया जाए तो एक निश्चित माप के बाद सिस्टम के परफोरमेंस में सुधार आता है। सीएसआईआर चंडीगढ़ के वैज्ञानिक डा. जितेंद्र विरमानी ने ब्रेस्ट कैंसर और ब्रेस्ट सेल्स के वर्गीकरण की जानकारी दी। प्रयोगशाला में किए गए प्रयोग के परिणाम भी उन्होंने शोधकर्ताओं को दिखाए। कार्यशाला में कंप्यूटर साइंस के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट डॉ. आशीष नेगी, डा. एसएस भदौरिया, डा. एमके पांडा, डा. यशवंत सिंह चौहान, डा. भोला झा, डा. अशुतोष गुप्ता, डा. वीएम मिश्रा, डा. भूमिका गुप्ता, नितिन बलियान, बीएम ठक्कर, जोगेंद्र सिंह, सिद्धार्थ, पपेंद्र कुमार व केडी नारायण आदि मौजूद रहे।
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