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स्कूल बंद होने से 1517 भोजनमाताओं की नौकरी पर संकट
Updated Wed, 01 Nov 2017 10:39 PM IST
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पौड़ी। स्कूल का चूल्हा जलाकर अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही गढ़वाल मंडल की 1517 भोजन माताओं की नौकरी खतरे में है। ये भोजन माताएं 10 से कम छात्र संख्या वाले ऐसे प्राइमरी व उच्च प्राइमरी विद्यालयों में कार्य कर रही हैं, जिन पर सरकार 13 नंवबर के बाद ताले लटकाने की तैयारी में है।
गढ़वाल मंडल में 10 से कम छात्र संख्या वाले कुल 1517 प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। इन स्कूलों मेें इतनी ही भोजन माताएं तैनात हैं। विभाग ने स्कूलों को बंद करने की अंतिम सूची तो शासन को भेज दी, लेकिन इन स्कूलों में कार्यरत भोजन माताओं के समायोजन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया। दस से कम छात्र संख्या वाले प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों में तैनात भोजन माताओं को प्रतिमाह 2000 रुपये मानदेय मिलता है। स्कूल बंद होने के बाद भोजन माताएं आर्थिक संकट में पड़ जाएंगी।
जिलावार भोजन माताओं की संख्या
पौड़ी-594,
टिहरी-352,
चमोली-224,
उत्तरकाशी-155,
देहरादून-113,
रुद्रप्रयाग-77,
हरिद्वार-2
कोट
स्कूलों की प्राइमरी भोजन माताएं स्कूलों में ग्राम शिक्षा समिति की व्यवस्थाओं पर कार्य कर रही हैं। स्कूल बंद होते ही उनकी नौकरी भी स्वत: ही समाप्त मानी जाएगी। इसे लेकर शासन स्तर पर भी कोई योजना नहीं है।
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-एसपी खाली, अपर शिक्षा निदेशक (प्राथमिक) गढ़वाल मंडल
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गढ़वाल मंडल में 10 से कम छात्र संख्या वाले कुल 1517 प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। इन स्कूलों मेें इतनी ही भोजन माताएं तैनात हैं। विभाग ने स्कूलों को बंद करने की अंतिम सूची तो शासन को भेज दी, लेकिन इन स्कूलों में कार्यरत भोजन माताओं के समायोजन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया। दस से कम छात्र संख्या वाले प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों में तैनात भोजन माताओं को प्रतिमाह 2000 रुपये मानदेय मिलता है। स्कूल बंद होने के बाद भोजन माताएं आर्थिक संकट में पड़ जाएंगी।
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जिलावार भोजन माताओं की संख्या
पौड़ी-594,
टिहरी-352,
चमोली-224,
उत्तरकाशी-155,
देहरादून-113,
रुद्रप्रयाग-77,
हरिद्वार-2
कोट
स्कूलों की प्राइमरी भोजन माताएं स्कूलों में ग्राम शिक्षा समिति की व्यवस्थाओं पर कार्य कर रही हैं। स्कूल बंद होते ही उनकी नौकरी भी स्वत: ही समाप्त मानी जाएगी। इसे लेकर शासन स्तर पर भी कोई योजना नहीं है।
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-एसपी खाली, अपर शिक्षा निदेशक (प्राथमिक) गढ़वाल मंडल