फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   pak civilian will pray for peace in piran kaliyar

अमन की तमन्ना लेकर पाक से आए 170 मेहमान

Wed, 23 Jan 2013 12:16 PM IST
शादाब अली/पिरान कलियर (रुड़की)
शादाब अली/पिरान कलियर (रुड़की) Updated Wed, 23 Jan 2013 12:16 PM IST
विज्ञापन
pak civilian will pray for peace in piran kaliyar

साबिर पाक की मुकद्दस जमीं कलियर पर एक बार फिर अकीदत का नजराना लेकर 170 पाकिस्तानी जायरीन मंगलवार को पहुंच गए। हर साल पाकिस्तान से जत्था यहां सालाना उर्स में शिरकत करने आता है। बीते दिनों सरहद पर भारतीय फौजियों की हत्या और सिर काटने के बाद पैदा हुए तनाव और विवाद के बाद हालात बदले-बदले हैं।

विज्ञापन


अमूमन पाक अकीदतमंदों के लिए यहां खुलकर पलक पांवड़े बिछाए जाते थे। इस बार भी इस्तकबाल हुआ मगर जबरदस्त घेराबंदी और निगहबानी के बीच। पाक जायरीन यहां आकर बेहद खुश हैं। हिंदुस्तान की तहजीब से भी और अपनी आवभगत से भी। भारत का शुक्रिया अदा करते नहीं थकते। सभी एक सुर में कहते हैं कि दोनों मुल्कों के बीच नफरत की दीवार गिराकर अमन और भाईचारगी कायम होनी चाहिए। यही दुआ वह पाक साबिर के दरबार में भी करेंगे।
विज्ञापन


कायम हो प्रेम और भाईचारा
अमर उजाला से बातचीत में जत्थे की अगुवाई कर रहे राशिद शमीम कहते हैं मेरी तो यही तमन्ना है कि दोनों मुल्क एक दूसरे की आवाम के जज्बातों के मद्देनजर आपसी रिश्ते मजबूत करने के लिए एक राह पर चलें। नफरत की खाई को मिटाकर दुनिया के सामने प्रेम और भाईचारा की मिसाल कायम करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


जत्थे में शामिल मोहम्मद आजम फरमाते हैं पिरान कलियर अब तक कई बार आ चुका हूं। हिंदुस्तान में हमेशा इतना प्यार मिलता है कि उन्हें कभी पराए मुल्क का अहसास नहीं हुआ। दोनों देशों के रिश्ते बेहतर रहें तो अच्छा रहेगा।

बड़ी चतुराई से कलियर लाया गया जायरीनों को
हिंदूवादी संगठनों के विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने चतुराई दिखाई। जायरीनों को रुड़की में उतारने के बजाए उन्हें छह किलोमीटर पहले इकबालपुर रेलवे स्टेशन पर ही उतारने की योजना बनी थी। प्रशासन और पुलिस के कुछ आला अफसरों के अलावा अन्य को इसका पता नहीं था। दिखावे के लिए रुड़की स्टेशन पर तैयारियां की गईं। यहां जेएनयूआरएम की छह बसें, फायर ब्रिगेड, दंगा नियंत्रण वाहन आदि लगाए गए थे।


उधर, लाहौरी एक्सप्रेस सुबह 5.50 बजे इकबालपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां पर कागजातों की पड़ताल आदि की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जायरीनों को पांच प्राइवेट और एक पुलिस की बस से इमली रोड, भगवानपुर होते हुए पिरान कलियर पहुंचा दिया गया। यहां उन्हें साबिर गेस्ट हाउस में ठहराया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed