फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   no fast track courts for woman harassment cases in uttarakhand

'महिला उत्पीड़न मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं'

Mon, 07 Jan 2013 10:03 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Mon, 07 Jan 2013 10:03 AM IST
विज्ञापन
no fast track courts for woman harassment cases in uttarakhand

महिला उत्पीड़न से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई के लिए उत्तराखंड में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा सरकार ने वापस ले ली है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने रविवार को कहा कि इन अदालतों की जरूरत नहीं है। सामान्य अदालतों में लंबित महिला उत्पीड़न के प्रकरणों को वरीयता देते हुए निस्तारित किया जाएगा।

विज्ञापन


नए साल के उपलक्ष्य में अपने आवास पर आयोजित भोज के दौरान मीडिया से बातचीत में सीएम ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के संबंध में उनकी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बारिन घोष से बात हुई है। चीफ जस्टिस ने बताया कि प्रदेश भर में महिला उत्पीड़न के सिर्फ 546 वाद अदालतों में लंबित हैं। इनके लिए अलग से फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की जरूरत नहीं है। न्यायालयों में इन प्रकरणों की वरीयता के साथ सुनवाई कर इनका निस्तारण किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों को अदालतें प्राथमिकता से लें और निस्तारण करें।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि दिल्ली गैंगरेप के बाद महिला सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने प्रदेश में चार स्थानों पर चीफ जस्टिस से बातचीत कर फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित कराने की बात कही थी। इसके बाद शनिवार को ही चीफ जस्टिस से मुख्यमंत्री की मुलाकात हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां बननी थीं फास्ट ट्रैक कोर्ट
देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed