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राजजात के पहले पड़ाव में ही बाधाओं के पहाड़
विनय बहुगुणा
Updated Thu, 01 Aug 2013 08:15 AM IST
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श्रीनंदा राजजात में जिन राहों से आस्था का सैलाब उमड़ने की उम्मीद थी उन्हें इस बार का सैलाब बहा ले गया है। आपदा के कहर के बाद चलना आसान नहीं है। कुछ स्थानों पर निर्माण हो भी रहा है। लेकिन वह काम समय पर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा हो पाएगा, यह भी यक्ष प्रश्न है।
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29 अगस्त को होना है शुभारंभ
29 अगस्त को प्रात: 11.25 मिनट पर हिमालयी महाकुंभ श्रीनंदा राजजात का शुभारंभ होना है। नौटी से राजजात पहले पहाड़ के लिए ईड़ा-बधाणी के लिए प्रस्थान करेगी। लेकिन नौटी में अभी तक राजजात का एक भी काम पूरा नहीं हुआ है। ईड़ा-बधाणी में रास्ते का निर्माण इस बरसाती सीजन में भी किया जा रहा है। गांव के अन्य रास्ते इन दिनों फिसलन भरी काई से पटे पड़े हैं। राजजात तक मार्ग ठीक हो भी पाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं है।
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15 जून से पहले का राजजात को लेकर पहले जितना उत्साह अब नजर नहीं आ रहा है। यह बात राजजात आयोजन समिति भी मान रही है। नौटी पड़ाव अध्यक्ष दयानंद नौटियाल कहते हैं कि राजजात को टाला नहीं जा सकता है। इसके सफल संचालन के लिए हरसंभव प्रयास होंगे।
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ग्रामीण अरुण मैठाणी अधूरी तैयारियों व आपदा के बाद पैदा हुए हालातों में आयोजन के प्रति आश्वस्त नजर नहीं आते। ईडा-बधाणी निवासी बलवंत सिंह, संतोष गुसाई, आनंद सिंह का कहना है कि अब पूर्व जैसा उत्साह नहीं रह गया है। लेकिन परंपराओं का निर्वहन तो करना ही होगा।
नौटी पेयजल योजना का नहीं हुआ निस्तारण
चौरासैंण से नौटी के लिए करीब आठ किमी की पेयजल योजना विवाद की भेंट चढ़ गई। कमिश्नर के दो दौरे भी समस्या का हल नहीं निकाल पाए। ऐसे में नौटी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के हलक कैसे तर होंगे। इसका जबाब किसी के पास नहीं है।
दस किमी का पैदल मार्ग बदहाल
राजजात नौटी-छांतोली, बगरखाल-ल्वींटा-सिंलगी, चौंडली-हिलोली-बधाणी मार्ग से गुजरेगी। लेकिन दस किमी यह पैदल मार्ग बदहाल है। मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र चौंडली में अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। यही स्थिति हिलोली से कफालडाली तक है। यहां पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
ईड़ा-बधाणी से दूसरे पड़ाव नौटी जाने वाले पैदल मार्ग पर भी रिठोली से दियारकोट तक ही चलताऊ काम हो रखा है। जबकि कोकडई से नौटी तक अभी काम शुरू नहीं हुआ है। नौटी में 23.49 लाख से बनने वाली पुलिया भी पहेली बनी हुई है। हैरत यह है कि विकास विभाग के अधिकारियों को पता ही नहीं कि रास्तों पर काम कितना हुआ है।
नौटी में पुलिया का निर्माण राजजात शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा। पुलिया के दोनों एबडमेंट तैयार हो गए हैं। पहले वाले ठेकेदार ने काम छोड़ दिया था, जिस कारण देरी हुई है। लेकिन अब नए ठेकेदार की ओर से काम कराया जा रहा है।
- मनोज भट्ट, ईई लोनिवि गौचर
राजजात की राह अब और भी कठिन हो चुकी है। नौटी से ईडा़-बधाणी और ईड़ा-बधाण से नौटी पैदल रास्तों की स्थिति भी ठीक नहीं है। उम्मीद है कि राजजात शुरू होने से पहले विभाग काम पूरा कर लेंगे। हमने राजजात का संकल्प लिया है। इसलिए अब परंपरा का निर्वहन एक जिम्मेदारी हो गई है।
- भुवन नौटियाल, महामंत्री राजजात समिति
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