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Uttarakhand: हाईकोर्ट के सवालों में उलझ गए जिपं सदस्य, अपहरण पांचों जिला पंचायत मेंबर कोर्ट में हुए पेश

Thu, 18 Dec 2025 02:33 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 18 Dec 2025 02:33 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने नैनीताल जिला पंचायत चुनाव मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तिथि नियत की है। इस संबंध में डीजीपी को कोर्ट में पेश होने को कहा है। 

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Zilla Panchayat members got entangled in the questions of the Uttarakhand High Court
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिला पंचायत चुनाव मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तिथि नियत की है। इस संबंध में डीजीपी को कोर्ट में पेश होने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश जी नरेन्दर एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

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मामले के अनुसार उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान 14 अगस्त को हुई घटना, पांच सदस्यों के कथित अपहरण के मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस प्रकरण में 14 अगस्त को कोर्ट ने नैनीताल के जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान उनके सदस्यों का अपहरण करने के मामले में स्वतः संज्ञान लिए जाने पर सुनवाई की थी। साथ में कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि मामले की स्वत्रंत जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें।

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जिला पंचायत नैनीताल के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिये 14 अगस्त को हुए मतदान के दिन 5 जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण से सम्बंधित जनहित याचिका में पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान अपहृत पांचों जिला पंचायत सदस्य हाईकोर्ट में पेश हुए। साथ ही सीबीसीआईडी हल्द्वानी के अधिकारी भी कोर्ट में हाजिर थे। इन जिला पंचायत सदस्यों में ककोड़ से सदस्य डीकर सिंह मेवाड़ी, ओखलकाण्डा मल्ला से प्रमोद सिंह, चापड़ से तरूण कुमार शर्मा, चौखुटा से दीप सिंह बिष्ट, जंगलियागॉव से विपिन सिंह जंतवाल शामिल थे। हालांकि जिन सदस्यों का अपहरण हुआ था उन्होंने बाद में अपनी मर्जी से घूमने जाने का बयान दिया था। लेकिन इससे पूर्व अपहृत सदस्यों के परिजनों ने हाईकोर्ट के समक्ष बयान दिया था कि अपहृत परिजनों से सम्पर्क नहीं हो रहा है इसलिये उन्हें ढूंढने में मददलेकिन इससे पूर्व अपहृत सदस्यों के परिजनों ने हाईकोर्ट के समक्ष बयान दिया कि अपहृत परिजनों से सम्पर्क नहीं हो रहा है इसलिए उन्हें ढूंढने में मदद की जाए। इस आशय के शपथ पत्र हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में सुरक्षित हैं।

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पूर्व में पूछे गए सवाल
नैनीताल हाईकोर्ट ने पांच जिला पंचायत सदस्यों से पूछे थे तीखे सवाल, सीबीसीआईडी की जांच अधिकारी से भी पूछे गए तीखे सवाल, सवालों का सीधा जवाब नहीं दे सके जिला पंचायत सदस्य और सीबीसीआईडी की जांच अधिकारी, अपने ही जवाबों में फंसे पांचों जिला पंचायत सदस्य, एफिडेटिव खरीदने के मामले में फंसे जिला पंचायत सदस्य,

कहां और किसने खरीदे एफिडेविट? इस सवाल का जवाब देने में नाकाम रहे जिला पंचायत सदस्य, हाईकोर्ट ने पूछा आखिर कैसे रामनगर पहुंच गए पांचवा जिला पंचायत सदस्य, हाईकोर्ट ने पूछा जब रेनकोट धारी आपके साथी को उठा रहे थे तो आपने बचाने की कोशिश नहीं की, हाईकोर्ट ने पूछा कब से जानते हो एक दूसरे को, किसी ने कहा कॉलेज के चुनाव के दौर से तो किसी ने कहा हमारे गांव से जाता है उनके गांव का रास्ता, हाईकोर्ट ने पूछा क्या उनके घर वालों को भी जानते हो, कुछ ने बोला आपस में है हमारी रिश्तेदारी, जिला पंचायत सदस्य डीकर मेवाड़ी से पूछा क्या आप नेपाल गए थे घूमने, मेवाड़ी ने कहा जिला पंचायत चुनाव के बाद नहीं गया। हाईकोर्ट ने मेवाड़ी से पूछा क्या चुनाव नतीजे आने के बाद गए थे, मेवाड़ी ने कहा हां दोस्त-यारों के साथ घूमने गया था नेपाल, सीबीसीआईडी की जांच अधिकारी से नाराज हुआ हाईकोर्ट, सीबीसीआईडी की जांच अधिकारी से बोले हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सस्पेंड होने के लिए हो जाओ तैयार।
 

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