फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Young man was killed by throwing stones in the night

युवक की रात में पत्थर से कूचकर हत्या

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 01:00 AM IST
विज्ञापन
Young man was killed by throwing stones in the night
हल्द्वानी के थाना मुखानी क्षेत्र निवासी प्रकाश बैरागी की हत्या के बाद रोती बिलखती मृतक की मां व ?
हल्द्वानी। जिले में मुख्यमंत्री की मौजूदगी के बीच विष्णुपुरम कॉलोनी बिठौरिया नंबर 2 के खाली प्लाट में शनिवार रात सिडकुलकर्मी की पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच घंटे में आरोपी को चौफुला चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सिडकुलकर्मी ने उसे मां-बहन की गाली देेने के बाद पीटा था। बदला लेने के लिए उसने उसे मार डाला।
विज्ञापन

दमुवाढूंगा तोक पनियाली निवासी प्रकाश बैरागी (25) पुत्र बासुदेव बैरागी सितारगंज स्थित एक फैक्टरी में काम करता था। शनिवार को अवकाश के चलते प्रकाश सुबह ही घर से निकल गया। दोस्तों के साथ प्रकाश बाइक से बाजार में घूमने गया था। खाने-पीने के दौरान शाम को उसकी तोक पनियाली निवासी मोहित चंद आर्या उर्फ मंकू से कहासुनी हो गई। आरोप है कि प्रकाश ने मोहित के साथ गालीगलौज की और उसे पीट दिया। प्रकाश की गालियां मंकू के दिल में घर कर गई। रात पौने ग्यारह बजे प्रकाश बैरागी अकेले घर लौट रहा था। घर से दो सौ मीटर पहले ही प्रकाश पर मंकू ने पत्थर से वार कर दिया और प्रकाश विष्णुपुरम कॉलोनी निवासी पूरन चंद्र सनवाल के खाली प्लॉट में करीब पांच फीट नीचे गिर गया। इसके बाद मंकू ने उसके सिर पर वजनी पत्थर से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए और वहां से भाग गया।
विज्ञापन

प्रकाश की चीखें सुनकर पड़ोस के एक युवक ने उसके परिजनों को सूचना दी। इस पर प्रकाश के माता-पिता और परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर प्रकाश अचेत पड़ा था। उसके सिर से खून निकल रहा था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आधी रात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी ने मौका मुआयना कर आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। पूछताछ से पता चला कि शनिवार शाम मंकू और प्रकाश एक साथ घूम रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि घटना के पांच घंटे बाद ही पुलिस ने चौफुला चौराहे से आरोपी मोहित चंद आर्य उर्फ मंकू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने खून से सने पत्थरों को बरामद कर लिया। आरोपी भागने के फिराक में था। बताया कि मोहित ने प्रकाश को गाली देने पर मारा था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सीएम की सुरक्षा ड्यूटी छोड़कर निकले थानाध्यक्ष
घटना के समय जिले के पुलिस अधिकारी और अन्य फोर्स सीएम पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा ड्यूटी में नैनीताल में तैनात थी। हत्या की सूचना पर सीएम की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात मुखानी थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद मौके पर पहुंचे। एसएसपी पंकज भट्ट घटना के संबंध में टीमें गठित कर लगातार जानकारी ले रहे थे क्योंकि उच्चाधिकारियों को भी घटना के संबंध में जवाब देना था।
मंकू बोला- हां...हां, मैने प्रकाश को मारा
थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट ने बताया कि पकड़े जाने के बाद आरोपी मोहित चंद आर्या उर्फ मंकू से पूछने पर उसने पहले बहाना बनाया कि वह हत्या के बारे में नहीं जानता लेकिन पैर पर लगे खून से पुुलिस का शक गहरा गया। पुलिस ने शक के आधार पर पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बताया कि उसी ने प्रकाश को मारा है। घटना के बाद उसने घर जाकर कपड़े बदले। उसने शरीर पर लगे खून के छींटों को साफ किया लेकिन पैर पर खून का दाग मिट नहीं सका। गिरफ्तारी के समय भी मंकू नशे में था। पुलिस का कहना था कि घटना के बाद उसने शराब पी थी। उसने कहा कि प्रकाश बैरागी उसने इसलिए मारा क्योंकि उसने उसे गाली दी थी।
मां ने कहा, बेटे ने कुछ नहीं बताया
बेटे की हत्या के बाद मां आरती बैरागी रोते-रोते बेहोश हो गई। पड़ोस की महिलाओं ने उन्हें संभाला। उसने कहा कि बेटे ने उसे कुछ नहीं बताया कि वह कहां गया है। रात में एक युवक ने बाहर से आवाज लगाकर बताया कि प्रकाश को कुछ लोग मार रहे हैं तो परिवार के लोग बाहर निकले। मौके पर पहुंचने पर देखा कि उनका बेटा मृत पड़ा था। मंकू से उसका पहले कभी झगड़ा नहीं हुआ था। प्रकाश चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ी बहन रंजीता की शादी हो चुकी है। अन्य भाइयों में विश्वजीत बैरागी, प्रदीप बैरागी हैं।

परिवार के लोग कर रहे थे इंतजार
पिता बासुदेव बैरागी ने बताया कि रात में परिवार के लोग खाने के लिए प्रकाश का इंतजार कर रहे थे। बेटे का इंतजार करते-करते वह सो गए थे। बेटा तो नहीं आया लेकिन उसके मौत की खबर से नींद उड़ गई। कहा कि उनके बेटे का किसी से विवाद नहीं था। मंकू से भी पहले कोई विवाद नहीं हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed