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योग से होता है मानसिक चिंताओं का निवारण
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:05 AM IST
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योग
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। योग आयुर्वेद में बताई गई दिनचर्या का हिस्सा है। योग से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। योग से मानसिक चिंताओं का निवारण होता है।
आयुर्वेदाचार्य एवं पंचकर्म तज्ञ विशेषज्ञ डा. राहुल गुप्ता ने बताया कि पीछे की ओर झुककर आसन करने से वात दोष, आगे झुकने से पित्त दोष और पार्श्व की ओर झुककर आसन करने से कफ दोष का शमन होता है।
योग से पूर्व किया जाने वाला अभ्यंग शरीर को दोषमुक्त रखता है और मांसपेशियों को दृढ़ता देता है। योग का उद्देश्य शरीर की नाड़ियों से टाक्सिन को बाहर निकालना होता है। मांसपेशियों और हड्डियां मजबूत होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है और तंत्रिका तंत्र भी स्वस्थ रहता है।
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योग प्रशिक्षक महेश चंद पाठक कहते हैं कि बदलती दिनचर्या, खानपान के कारण कई बीमारी का सामना लोगों का कम उम्र में ही करना पड़ रहा है। योग के माध्यम से इनका निवारण किया जा सकता है। व्यक्ति को कम से कम 12 बार प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करना चाहिए। योग से कमर दर्द, गर्दन दर्द समेत कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है।
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आयुर्वेदाचार्य एवं पंचकर्म तज्ञ विशेषज्ञ डा. राहुल गुप्ता ने बताया कि पीछे की ओर झुककर आसन करने से वात दोष, आगे झुकने से पित्त दोष और पार्श्व की ओर झुककर आसन करने से कफ दोष का शमन होता है।
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योग से पूर्व किया जाने वाला अभ्यंग शरीर को दोषमुक्त रखता है और मांसपेशियों को दृढ़ता देता है। योग का उद्देश्य शरीर की नाड़ियों से टाक्सिन को बाहर निकालना होता है। मांसपेशियों और हड्डियां मजबूत होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है और तंत्रिका तंत्र भी स्वस्थ रहता है।
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योग प्रशिक्षक महेश चंद पाठक कहते हैं कि बदलती दिनचर्या, खानपान के कारण कई बीमारी का सामना लोगों का कम उम्र में ही करना पड़ रहा है। योग के माध्यम से इनका निवारण किया जा सकता है। व्यक्ति को कम से कम 12 बार प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करना चाहिए। योग से कमर दर्द, गर्दन दर्द समेत कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है।