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दो पुलों के निर्माण के साथ शिफ्ट होगी अतिसंवेदनशील सड़क
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लोहाली से इस तरह गुजरते हैं वाहन। (फाइल फोटो)
- फोटो : BHIMTAL
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गरमपानी (नैनीताल)। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर छड़ा के पास अतिसंवेदनशील लोहाली से एनएचएआई दो पुलों के निर्माण करेगा। पुल निर्माण के साथ ही छड़ा से ज्याड़ी तक सड़क का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई ने 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा है।
बारिश के दिनों में लोहाली की पहाड़ी से लगातार पत्थर, बोल्डर और मलबा गिरता है। इतना ही नहीं बारिश के बाद धूप निकलने के बाद तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। अक्सर पत्थर गिरते रहते हैं जिससे इस मार्ग पर चलना खतरे से खाली नहीं रहता। पहाड़ी पर जानवरों के चलने से भी पत्थर गिरते रहते हैं। बीते सालों में तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क को शिफ्ट किया गया था जो निर्माण के आठ माह बाद ही बीते अक्तूबर में आई आपदा में बह गया था। अब समस्या के स्थायी समाधान के लिए पुल बनाने की कवायद की जा रही है जिससे सड़क पर दुघर्टनाओं को रोका जा सके। इसके लिए एनएच विभाग ने 60 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को भेजा है। विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि धनराशि जारी होते ही पुलों के निर्माण कार्य के साथ लोहाली की पास अतिसंवेदनशील पहाड़ी से यात्रियों को निजात मिल जाएगी। साथ ही विभाग भौर्या मोड़ पर पहाड़ी से गिरते पत्थरों से छुटकारा दिलाने के लिए मोड़ पर सड़क को सीधा करने के लिए एक पुल का निर्माण कराया जाएगा। एनएच के सहायक अभियंता जेके पांडे ने बताया कि दो पुल कोसी नदी पर सड़क को दूसरी ओर ले जाने के लिए बनाए जाएंगे। इसके लिए 60 करोड़ का प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है।
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लोहाली की पहाड़ी पर पत्थर, बोल्डर गिरने से कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। बारिश के दिनों में तो अक्सर वाहन क्षतिग्रस्त होते रहते हैं। सुरक्षित यातायात के लिए सड़क का उपचार होना जरूरी है।
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- कन्नू गोस्वामी, ग्राम प्रधान, छड़ा खैरना
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समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। रानीखेत पुल पार की तरफ की पहाड़ी से सड़क बनाने से ज्याड़ी गांव को लाभ मिलेगा। इससे बारिश के दिनों में पत्थर, बोल्डर गिरने से भी काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
- अंकित साह, जिला पंचायत सदस्य।
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बारिश के दिनों में लोहाली की पहाड़ी से लगातार पत्थर, बोल्डर और मलबा गिरता है। इतना ही नहीं बारिश के बाद धूप निकलने के बाद तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। अक्सर पत्थर गिरते रहते हैं जिससे इस मार्ग पर चलना खतरे से खाली नहीं रहता। पहाड़ी पर जानवरों के चलने से भी पत्थर गिरते रहते हैं। बीते सालों में तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क को शिफ्ट किया गया था जो निर्माण के आठ माह बाद ही बीते अक्तूबर में आई आपदा में बह गया था। अब समस्या के स्थायी समाधान के लिए पुल बनाने की कवायद की जा रही है जिससे सड़क पर दुघर्टनाओं को रोका जा सके। इसके लिए एनएच विभाग ने 60 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को भेजा है। विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि धनराशि जारी होते ही पुलों के निर्माण कार्य के साथ लोहाली की पास अतिसंवेदनशील पहाड़ी से यात्रियों को निजात मिल जाएगी। साथ ही विभाग भौर्या मोड़ पर पहाड़ी से गिरते पत्थरों से छुटकारा दिलाने के लिए मोड़ पर सड़क को सीधा करने के लिए एक पुल का निर्माण कराया जाएगा। एनएच के सहायक अभियंता जेके पांडे ने बताया कि दो पुल कोसी नदी पर सड़क को दूसरी ओर ले जाने के लिए बनाए जाएंगे। इसके लिए 60 करोड़ का प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है।
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लोहाली की पहाड़ी पर पत्थर, बोल्डर गिरने से कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। बारिश के दिनों में तो अक्सर वाहन क्षतिग्रस्त होते रहते हैं। सुरक्षित यातायात के लिए सड़क का उपचार होना जरूरी है।
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- कन्नू गोस्वामी, ग्राम प्रधान, छड़ा खैरना
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समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। रानीखेत पुल पार की तरफ की पहाड़ी से सड़क बनाने से ज्याड़ी गांव को लाभ मिलेगा। इससे बारिश के दिनों में पत्थर, बोल्डर गिरने से भी काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
- अंकित साह, जिला पंचायत सदस्य।