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जीत से पहले टिकट के लिए ‘मुकाबला’
निशांत खनी हल्द्वानी।
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:50 AM IST
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विधानसभा चुनाव की हलचल तेज हो गई है। गांव-देहात से लेकर शहर एवं कस्बों में लगे नेताओं के होर्डिंग इसकी गवाही देने लगे हैं। लालकुआं विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीट जीतने से बड़ा घमासान संभावित दावेदारों में से प्रत्याशी के चयन का है। दोनों ही दलों में आधा दर्जन नेता दावेदारी ठोक चुके हैं। पैराशूट नेताओं ने भी क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाते हुए प्रबल दावेदारी कर दी है। पैराशूट प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे तो भीतरघात होना तय है। कई दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए संगठन के समानांतर टीमें खड़ी कर दी हैं।
नैनीताल जिले में लालकुआं विधानसभा सीट सबसे हॉट है। हरीश रावत की सरकार में श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल यहां से विधायक हैं। दुर्गापाल ने कांग्रेस से टिकट कटने पर बतौर बागी निर्दलीय चुनाव लड़ा और रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की थी और 2017 में भी वह कांग्रेस से प्रबल दावेदार हैं। कांग्रेस से पिछला चुनाव लड़ चुके हरेंद्र बोरा, लालकुआं नगर पंचायत के चेयरमैन रामबाबू मिश्रा, पूर्व बीडीसी सदस्य किरण डालाकोटी और बीना जोशी दावेदारों की सूची में हैं। पूर्व आपदा प्रबंधन अध्यक्ष प्रयाग भट्ट की सक्रियता भी दावेदारी से जोड़ी जा रही है।
कांग्रेस के लिए प्रत्याशी चयन टेढ़ी खीर होगी। दुर्गापाल पर बागी होने और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का ठप्पा लगा है। ऐसे में कांग्रेस दुर्गापाल पर दाव खेलती है तो जबर्दस्त भितरघात होगा। हरेंद्र बोरा और बीना जोशी दुर्गापाल के खिलाफ खुलकर आ सकते हैं। हरेंद्र बोरा ने ऐसी स्थिति के लिए कांग्रेस के समानांतर अपनी टीम खड़ी कर दी है। उनकी क्षेत्र में सक्रियता बढ़ी है। टिकट नहीं मिलने पर हरेंद्र बोरा निर्दलीय के रूप में कांग्रेस की मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। पिछले चुनाव में हरेंद्र बोरा तीसरे स्थान पर रहे थे।
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भाजपा में भी दावेदारों में घमासान मचा है। नवीन दुम्का प्रबल दावेदार हैं। पिछला चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश पंत, पूर्व टीडीसी चेयरमैन हेमंत द्विवेदी, डेरी फेडरेशन पूर्व अध्यक्ष डा. मोहन सिंह बिष्ट, मंजू तिवारी और राम सिंह पपोला भी प्रबल दावेदारों की सूची में हैं। पैराशूट दावेदारों का विरोध होने पर प्रकाश पंत को घर तक खरीदना पड़ा है। भाजपा के लिए भी प्रत्याशी का चयन सिरदर्द बन सकता है। हैवीवेट प्रत्याशी मैदान में उतारने पर नवीन दुम्का भी निर्दलीय चुनाव लड़कर भाजपा काी मुसीबत बढ़ा सकते हैं।
मुद्दा है बिंदुखत्ता
भाजपा और कांग्रेस के लिए बिंदुखत्ता छोड़कर कोई मुद्दा नहीं है। हरीश रावत सरकार में बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाया गया है। लालकुआं नजूल भूमि फ्री होल्ड कराने का जीओ कैबिनेट में पास हो चुका है। कांग्रेस इसका श्रेय लेकर सीट जीतना चाहती है। वहीं बिंदुखत्ता नगर पालिका का भाजपा और भाकपा माले पुरजोर विरोध कर रहे हैं। बिंदुखत्ता के लोगों को जमीनों मालिकाना हक नहीं मिल सका है। भाजपा और भाकपा माले के लिए चुनाव में यह मुद्दा बनेगा। बिंदुखत्ता मुद्दे पर भाकपा माले भी इस बार अपनी वोटों की गिनती बड़ा सकती है।
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नैनीताल जिले में लालकुआं विधानसभा सीट सबसे हॉट है। हरीश रावत की सरकार में श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल यहां से विधायक हैं। दुर्गापाल ने कांग्रेस से टिकट कटने पर बतौर बागी निर्दलीय चुनाव लड़ा और रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की थी और 2017 में भी वह कांग्रेस से प्रबल दावेदार हैं। कांग्रेस से पिछला चुनाव लड़ चुके हरेंद्र बोरा, लालकुआं नगर पंचायत के चेयरमैन रामबाबू मिश्रा, पूर्व बीडीसी सदस्य किरण डालाकोटी और बीना जोशी दावेदारों की सूची में हैं। पूर्व आपदा प्रबंधन अध्यक्ष प्रयाग भट्ट की सक्रियता भी दावेदारी से जोड़ी जा रही है।
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कांग्रेस के लिए प्रत्याशी चयन टेढ़ी खीर होगी। दुर्गापाल पर बागी होने और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का ठप्पा लगा है। ऐसे में कांग्रेस दुर्गापाल पर दाव खेलती है तो जबर्दस्त भितरघात होगा। हरेंद्र बोरा और बीना जोशी दुर्गापाल के खिलाफ खुलकर आ सकते हैं। हरेंद्र बोरा ने ऐसी स्थिति के लिए कांग्रेस के समानांतर अपनी टीम खड़ी कर दी है। उनकी क्षेत्र में सक्रियता बढ़ी है। टिकट नहीं मिलने पर हरेंद्र बोरा निर्दलीय के रूप में कांग्रेस की मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। पिछले चुनाव में हरेंद्र बोरा तीसरे स्थान पर रहे थे।
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भाजपा में भी दावेदारों में घमासान मचा है। नवीन दुम्का प्रबल दावेदार हैं। पिछला चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश पंत, पूर्व टीडीसी चेयरमैन हेमंत द्विवेदी, डेरी फेडरेशन पूर्व अध्यक्ष डा. मोहन सिंह बिष्ट, मंजू तिवारी और राम सिंह पपोला भी प्रबल दावेदारों की सूची में हैं। पैराशूट दावेदारों का विरोध होने पर प्रकाश पंत को घर तक खरीदना पड़ा है। भाजपा के लिए भी प्रत्याशी का चयन सिरदर्द बन सकता है। हैवीवेट प्रत्याशी मैदान में उतारने पर नवीन दुम्का भी निर्दलीय चुनाव लड़कर भाजपा काी मुसीबत बढ़ा सकते हैं।
मुद्दा है बिंदुखत्ता
भाजपा और कांग्रेस के लिए बिंदुखत्ता छोड़कर कोई मुद्दा नहीं है। हरीश रावत सरकार में बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाया गया है। लालकुआं नजूल भूमि फ्री होल्ड कराने का जीओ कैबिनेट में पास हो चुका है। कांग्रेस इसका श्रेय लेकर सीट जीतना चाहती है। वहीं बिंदुखत्ता नगर पालिका का भाजपा और भाकपा माले पुरजोर विरोध कर रहे हैं। बिंदुखत्ता के लोगों को जमीनों मालिकाना हक नहीं मिल सका है। भाजपा और भाकपा माले के लिए चुनाव में यह मुद्दा बनेगा। बिंदुखत्ता मुद्दे पर भाकपा माले भी इस बार अपनी वोटों की गिनती बड़ा सकती है।