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Nainital News: 19 को लिखित में दें कि चार माह में कब्जा हटा लेंगे
Sat, 17 Jun 2023 01:46 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:46 AM IST
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नैनीताल। हल्द्वानी में एचएन इंटर कालेज हल्द्वानी परिसर में वन भूमि पर बने 40 से अधिक दुकानदारों को वन विभाग की ओर से मिले नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 19 जून को लिखित रूप से यह शपथपत्र देने के लिए कहा कि वे चार माह के भीतर कब्जा हटा लेंगे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जून की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी के डॉक्टर रूप बसंत सहित 33 ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनको बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए हटाया जा रहा है। सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता जिस भूमि पर कब्जेदार हैं वह वन विभाग की है। इस भूमि को एचएन इंटर कॉलेज को लीज पर दिया गया था जो 1995 में ही खत्म हो गई। याचिकाकर्ताओं को कॉलेज प्रबंधन ने भूमि का कुछ हिस्सा सबलेट किया था, जिसके बाद मूल कब्जेदार वन विभाग ने वर्ष 2000 में एचएन इंटर कॉलेज को पीपी एक्ट में बेदखली का नोटिस दिया था। खंडपीठ ने इन याचिकाकर्ताओं से साफ कहा कि मूल पट्टेदार के हक में ही जमीन नहीं है, लिहाजा याचिकाकर्ताओं का कानूनी हक नहीं है।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी के डॉक्टर रूप बसंत सहित 33 ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनको बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए हटाया जा रहा है। सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता जिस भूमि पर कब्जेदार हैं वह वन विभाग की है। इस भूमि को एचएन इंटर कॉलेज को लीज पर दिया गया था जो 1995 में ही खत्म हो गई। याचिकाकर्ताओं को कॉलेज प्रबंधन ने भूमि का कुछ हिस्सा सबलेट किया था, जिसके बाद मूल कब्जेदार वन विभाग ने वर्ष 2000 में एचएन इंटर कॉलेज को पीपी एक्ट में बेदखली का नोटिस दिया था। खंडपीठ ने इन याचिकाकर्ताओं से साफ कहा कि मूल पट्टेदार के हक में ही जमीन नहीं है, लिहाजा याचिकाकर्ताओं का कानूनी हक नहीं है।
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