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कौन बताएगा, कैसे होते जा रहे अवैध निर्माण
नवीन सक्सेना
Updated Mon, 25 Sep 2017 02:11 AM IST
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अवैध निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल रोड पर बहुमंजिली इमारतों के अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं लेकिन विकास प्राधिकरण के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। हाल यह है कि होटल के बेसमेंट में पार्किंग के स्थान पर कंपनी का शोरूम खोल दिया गया तो सिंधी चौराहे पर मानकों के विपरीत व्यवसायिक भवन का गुपचुप मानचित्र स्वीकृत ही नहीं किया गया बल्कि अवैध रूप से चार मंजिल इमारत खड़ी हो गई।
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हाइवे पर लोनिवि ने इस इमारत के निर्माण के लिए कैसे एनओसी दे दी और तत्कालीन विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी कार्यालय ने इस व्यावसायिक भवन का मानचित्र कैसे स्वीकृत कर दिया, इसको लेकर दोनों विभागों के अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं।
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इधर, विनियमित क्षेत्र के स्थान पर हल्द्वानी काठगोदाम स्थानीय विकास प्राधिकरण बने हुए आठ माह बीत गए हैं पर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी और सचिव सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय के तमाम दावों के बावजूद धड़ल्ले से हो रहे अवैध बहुमंजिली इमारतों के निर्माण की छानबीन और रोकटोक की कारगर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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मुख्य चौराहे पर बहुमंजिली इमारत के निर्माण को कैसे दी गई मंजूरी
नैनीताल-बरेली रोड पर सिंधी चौराहे के पास पर महाराजा अग्रसेन की मूर्ति के सामने लोकनिर्माण विभाग की सड़क से सटाकर बहुमंजिली इमारत का निर्माण हो रहा है। हालांकि इन दिनों निर्माणाधीन इमारत को हरे रंग के पर्दे से ढक कर छोड़ दिया गया।
निर्माणाधीन बहुमंजिली इमारत को देखते ही इसके निर्माण की स्वीकृति से लेकर विभिन्न विभागों द्वारा दी गई एनओसी के पीछे का खेल स्वयं नजर आ जाएगा। मुख्य चौराहे के पास बिना मानकों के कैसे इतनी बड़ी इमारत खड़ी हो गई, कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
विकास प्राधिकरण के मुताबिक इस व्यावसायिक भवन के निर्माण में भूतल एवं दो मंजिल का निर्माण का मानचित्र स्वीकृत है जबकि एक मंजिल भवन स्वामी ने अवैध रूप से निर्माण कर दिया है। इसका मानचित्र अनिल मुनगली के नाम से स्वीकृत है। इसकी फाइल भी प्राधिकरण कार्यालय के बजाय एक जेई ने गोपनीय स्थान पर रखी है।
होटल के पार्किंग के स्थान पर खोल दिया शोरूम
नैनीताल रोड पर भोटिया पड़ाव टैक्सी स्टेंड के सामने स्थित एसवी होटल का मानचित्र की स्वीकृति के समय इसमें कार पार्किंग के लिए बेसमेंट दिखाया गया था। होटल बनने के साथ बेसमेंट तो बना मगर उसमें पार्किंग की जगह एलजी का शोरूम खोल दिया गया।
होटल में ठहरने वाले लोगों की कारें सड़क पर ही पार्क होती हैं। तत्कालीन डीएम दीपक रावत ने मार्च में विनियमित क्षेत्र अधिकारियों के साथ चेकिंग की तो इस होटल का चालान भी किया गया था। विकास प्राधिकरण के मुताबिक भवन स्वामी तिलक राज शर्मा ने पार्किंग के लिए छह माह का समय मांगा था।
उसके बाद क्या हुआ कुछ नहीं पता। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी नहीं देखा। तिलक राज शर्मा से पार्किंग न बनाने के बारे में पूछा तो उन्होंने व्यस्तता कह कर बताने से इनकार कर दिया।
मानचित्र दो मंजिल का और बना दीं पांच मंजिलें
भोटिया पड़ाव टैक्सी स्टेंड के सामने डीपी नानक स्वीट्स के बराबर सड़क किनारे बहुमंजिली इमारत का निर्माण चल रहा है। विकास प्राधिकरण के मुताबिक इसका निर्माण रामशरण वर्मा द्वारा कराया जा रहा है। भवन निर्माण के लिए मानचित्र भूतल और दो मंजिल भवन का स्वीकृत कराया गया और भवन में अवैध रूप से तीन और मंजिलों का निर्माण कर दिया गया है।
भवन स्वामी को नोटिस भी दिए गए मगर कोई फर्क नहीं पड़ा। नैनीताल रोड पर डीएम से लेकर शासन-प्रशासन के बड़े अधिकारी भी गुजरते हैं लेकिन बहुमंजिले भवनों के अवैध निर्माण पर किसी की नजर नहीं पड़ी।
इस बारे में रामशरण वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने सीनियर से बात करने का बहाना बना दिया। अब भवन का निर्माण पूरा होने को है तो शमन शुल्क के जरिये इस अवैध निर्माण को वैध निर्माण करने की कोशिश हो रही है।
मानचित्र आवासीय, भवन व्यवसायिक
नैनीताल रोड पर भोटिया पड़ाव के सामने स्थित डीपी नानक स्वीट्स के पीछे डीपी नानक होटल का भवन निर्माणाधीन है। विकास प्राधिकरण के मुताबिक भवन स्वामी दिलीप गुप्ता ने मानचित्र भूतल एवं दो मंजिल का स्वीकृत कराया था लेकिन दो मंजिल अवैध रूप से बना दी गईं। इतना ही नहीं भवन का मानचित्र आवासीय स्वीकृत कराया गया था।
इसको स्वरूप व्यवसायिक भवन का दे दिया गया है। विकास प्राधिकरण ने पहले तो अवैध निर्माण को रोकने की कोशिश नहीं की, बाद में नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली। दिलीप गुप्ता का कहना है कि जो भवन निर्माण अधिक किया गया है उसका शमन शुल्क अदा करने के लिए उन्होंने आवेदन किया है।
जेई से जानकारी करूंगा : सचिव
स्वीकृत मानचित्र के विपरीत एसवी होटल, रामसरन वर्मा, डीपी नानक स्वीट्स, सिंधी चौराहे पर अनिल मुनगली के व्यावसायिक भवन में अवैध निर्माण को लेकर समय-समय पर नोटिस दिए गए हैं। नोटिस के बाद क्या कार्रवाई हुई, इस बारे में संबधित जेई से जानकारी हासिल कर कार्रवाई की जाएगी। - पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट एवं सचिव विकास प्राधिकरण।
अवैध ढंग से कैसे बन गई इमारतें कराएंगे जांच : मंडलायुक्त
हल्द्वानी में मानकों के विपरीत बहुमंजिली इमारतें अवैध तरीके से कैसे बन रहीं हैं। इमारतों का निर्माण करने वालों के खिलाफ विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई क्यों नहीं की, इन सबकी जांच कराई जाएगी। अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने में अगर विकास प्राधिकरण के किसी कर्मचारी की संलिप्ता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी। अगर जरूरी हुआ तो उच्चस्तरीय टीम गठित कर निर्माणाधीन अवैध इमारतों की जांच कराई जाएगी। - चंद्रशेखर भट्ट, कुमाऊं मंडल आयुक्त एवं अध्यक्ष विकास प्राधिकरण।