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रोडवेज को कब्जे की याद आई तो हंगामा हो गया
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रोडवेज बस स्टेशन से हटाई गई दुकानें। अमर उजाला
- फोटो : HALDWANI
हल्द्वानी। परिवहन निगम के अधिकारियों को हल्द्वानी बस अड्डे की दुकानोें पर हुए अतिक्रमण की डेढ़ साल बाद याद आई तो हंगामा हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंचे अधिकारियों ने दुकानों में टिन वेल्डिंग कर दिए मगर अतिक्रमणकारियों ने उन्हें उखाड़ फेंका। अधिकारियों की अतिक्रमणकारियों के साथ बहस हुई। इसके बाद रोडवेज के अधिकारी लौट गए। अब हल्द्वानी डिपो के एआरएम सुरेंद्र बिष्ट की ओर से एसडीएम को पत्र और पुलिस को तहरीर सौंपी गई है।
हल्द्वानी बस अड्डे पर रोडवेज की करीब आठ दुकानें हैं। निगम ने तीन वर्ष पूर्व इनका ठेका दिया था। ठेका एक वर्ष के लिए था। इसके बाद किराएदारों ने निगम को पैसा जमा नहीं किया। निगम दुकानदारों को छह माह तक किराया जमा करने के लिए नोटिस देता रहा लेकिन किराएदारों ने दुकान खाली नहीं की। निगम के अधिकारियों ने भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। डेढ़ साल बाद शनिवार सुबह करीब सात बजे आरएम यशपाल सिंह के नेतृत्व में परिवहन निगम की टीम दुकानें खाली कराने पहुंची। टीम ने दुकानों का सामान निकालकर टिन से वेल्डिंग करना शुरू किया। इतने में अतिक्रमणकारी पहुंचे। उन्होंने कोर्ट में दुकान का केस चलने का हवाला देते हुए दुकानों में लगे टिन को उखाड़कर दोबारा दुकानों में कब्जा कर लिया। उन्होंने एक सत्ताधारी नेता के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
एआरएम सुरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर तहरीर सौंपी गई है। एसडीएम को भी पत्र भेजकर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। ये दुकानें परिवहन निगम की हैं।
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हल्द्वानी बस अड्डे पर रोडवेज की करीब आठ दुकानें हैं। निगम ने तीन वर्ष पूर्व इनका ठेका दिया था। ठेका एक वर्ष के लिए था। इसके बाद किराएदारों ने निगम को पैसा जमा नहीं किया। निगम दुकानदारों को छह माह तक किराया जमा करने के लिए नोटिस देता रहा लेकिन किराएदारों ने दुकान खाली नहीं की। निगम के अधिकारियों ने भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। डेढ़ साल बाद शनिवार सुबह करीब सात बजे आरएम यशपाल सिंह के नेतृत्व में परिवहन निगम की टीम दुकानें खाली कराने पहुंची। टीम ने दुकानों का सामान निकालकर टिन से वेल्डिंग करना शुरू किया। इतने में अतिक्रमणकारी पहुंचे। उन्होंने कोर्ट में दुकान का केस चलने का हवाला देते हुए दुकानों में लगे टिन को उखाड़कर दोबारा दुकानों में कब्जा कर लिया। उन्होंने एक सत्ताधारी नेता के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
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एआरएम सुरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर तहरीर सौंपी गई है। एसडीएम को भी पत्र भेजकर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। ये दुकानें परिवहन निगम की हैं।
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