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कंपकंपाते हाथ क्या ‘हाथ’ पर पड़ेंगे भारी
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Tue, 07 Feb 2017 02:01 AM IST
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एनडी तिवारी
- फोटो : Amar Ujala
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पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का समर्थन कर कांग्रेस को असहज कर दिया है। भाजपा कुछ सीटों पर तिवारी को प्रचार के लिए मैदान में उतार सकती है। तिवारी मंगलवार को परिवार के साथ लालकुआं पहुंच रहे हैं।
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बीते रविवार को लखनऊ में तिवारी ने पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा को समर्थन देने का एलान किया था। तिवारी सोमवार को परिवार के साथ गोरापड़ाव पहुंच जाएंगे। यहां बता दें कि इस बार विस चुनाव के लिए टिकट बंटवारे के दौरान तिवारी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी।
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कांग्रेसी खेमे में इस बात को लेकर बेचैनी है कि तिवारी का मूवमेंट क्या होगा। रोहित शेखर तिवारी ने तो सीधे कांग्रेस के नेताओं को निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि उनके पिता को कांग्रेस के किसी बड़े नेता ने नहीं पूछा।
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बीमारी के दौरान दिल्ली, देहरादून या लखनऊ में कोई मिलने नहीं आया। कहा कि तीन वर्ष की रावत सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और भाजपा की उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश में जीत सुनिश्चित कराएंगे। तिवारी को प्रचार या सभा के लिए भाजपा सम्मान से बुलाएगी तो जरूर जाएंगे।
सूत्रों की मानें तो भाजपा हल्द्वानी, लालकुआं, किच्छा, रामनगर, काशीपुर और हरिद्वार में एनडी की सभा करा सकती है। तिवारी अगर सभा के दौरान कांग्रेस के विरोध में बोले तो कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अब ये आने वाला समय ही बताएगा कि कंपकंपाते हाथ क्या ‘हाथ’ पर भारी पड़ते हैं या नहीं और उनका आशीर्वाद भाजपा के कितने काम आता है।
मर्जी के मालिक रहे हैं एनडी
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सांसद के प्रत्याशी रहे केसी सिंह बाबा को आशीर्वाद देने के लिए हल्द्वानी रामलीला मैदान में हुई सभा में बुलाया था। तिवारी ने भाषण के दौरान देश-दुनिया की काफी बातें की थी, लेकिन बाबा को आशीर्वाद नहीं दिया था।
बाबा काफी देर तक उनके पैरों पर हाथ लगाए झुके रहे थे, फिर भी मर्जी के मालिक एनडी का हाथ उनके सिर तक नहीं उठा।