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पहले राहत अब आफत बना पानी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Tue, 19 Apr 2016 10:47 PM IST
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पानी
- फोटो : अमर उजाला
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उमस भरी गर्मी में सोमवार को बारिश की बूंदें भले ही राहत बनकर बरसी, लेकिन मंगलवार को बारिश का यही पानी आफत बन गया। गौला बैराज से मुख्य सिंचाई नहर में पानी छोड़ते ही शहर जलमग्न हो गया। सूखी नहर में पानी छोड़ते ही एसबीआई के पास पालीथिन और कूड़ा फंस गया और पानी सड़क से बहता हुआ आसपास के कार्यालयों और बाजार में घुस गया। प्रशासन ने नहर का पानी बंद करवाकर डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी से कूड़ा हटवाया।
गौला बैराज से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ा जाता है। गर्मी से गौला सूखने पर बैराज में पानी मात्र 85 क्यूसेक रह गया था, जिससे नहरों में सिंचाई का पानी बंद कर दिया गया। सोमवार को पहाड़ में बारिश होने से बैरोज में 474 क्यूसेक पानी होने पर मंगलवार सुबह नहरों में छोड़ा गया। मुख्य नगर में सुबह सात बजे पानी आया। बैराज से हल्द्वानी तक करीब पांच किलोमीटर की नहर कई दिनों से सूखी थी। नहर से सटे परिवारों के लोग इसी में कूड़ा और पालीथिन फेंकते हैं। पानी के चलते कूड़ा बह जाता है। लेकिन नहर सूखी होने से कई दिनों का कूड़ा एकत्र था।
मंगलवार सुबह पानी छोड़ने पर कूड़ा और पालीथिन बहकर आई और एसबीआई के आगे नहर में अटक गई। नहर बंद होने से पानी सड़क पर आ गया। सड़क के लेबल से नीचे आसपास के सभी दफ्तर और बाजार जलमग्न हो गए। एसडीएम कोर्ट, रजिस्ट्री कार्यालय, थाना, तहसील, रोडवेज, बेस अस्पताल, स्टेडियम में तालाब बन गया। खानचंद्र मार्केट में कई दुकानें पानी से भर गई। सड़क से पानी बहता हुआ मुख्य बाजार तक पहुंच गया। सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने नहर का पानी बंद करवाकर जेसीबी से नहर में फंसा कूड़ा और पालीथिन निकवाई। करीब डेढ़ घंटे बाद सफाई हो सकी और इसके बाद नहर का पानी सुचारु किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक नहर बंद नहीं करने पर कई दफ्तरों में रिकार्ड भीग जाता।
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गौला बैराज से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ा जाता है। गर्मी से गौला सूखने पर बैराज में पानी मात्र 85 क्यूसेक रह गया था, जिससे नहरों में सिंचाई का पानी बंद कर दिया गया। सोमवार को पहाड़ में बारिश होने से बैरोज में 474 क्यूसेक पानी होने पर मंगलवार सुबह नहरों में छोड़ा गया। मुख्य नगर में सुबह सात बजे पानी आया। बैराज से हल्द्वानी तक करीब पांच किलोमीटर की नहर कई दिनों से सूखी थी। नहर से सटे परिवारों के लोग इसी में कूड़ा और पालीथिन फेंकते हैं। पानी के चलते कूड़ा बह जाता है। लेकिन नहर सूखी होने से कई दिनों का कूड़ा एकत्र था।
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मंगलवार सुबह पानी छोड़ने पर कूड़ा और पालीथिन बहकर आई और एसबीआई के आगे नहर में अटक गई। नहर बंद होने से पानी सड़क पर आ गया। सड़क के लेबल से नीचे आसपास के सभी दफ्तर और बाजार जलमग्न हो गए। एसडीएम कोर्ट, रजिस्ट्री कार्यालय, थाना, तहसील, रोडवेज, बेस अस्पताल, स्टेडियम में तालाब बन गया। खानचंद्र मार्केट में कई दुकानें पानी से भर गई। सड़क से पानी बहता हुआ मुख्य बाजार तक पहुंच गया। सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने नहर का पानी बंद करवाकर जेसीबी से नहर में फंसा कूड़ा और पालीथिन निकवाई। करीब डेढ़ घंटे बाद सफाई हो सकी और इसके बाद नहर का पानी सुचारु किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक नहर बंद नहीं करने पर कई दफ्तरों में रिकार्ड भीग जाता।
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