वायरल रोगियों से भरे सरकारी अस्पताल
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मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों को वायरल की चपेट में ले रहा है। बेस अस्पताल में प्रतिदिन 12 सौ से 14 सौ मरीज ओपीडी में आते हैं, लेकिन इस समय सबसे अधिक रोगी फिजीशियन डा. सीजेएस होरा और डा. पीएस टाकुली के पास पहुंच रहे हैं। फिजीशियन के पास पहुंच रहे 150 से 200 रोगियों में 75 से 100 मरीज वायरल के हैं। हल्का बुखार, खांसी और जुकाम होने पर लोगों को स्वाइन फ्लू का भी अंदेशा हो रहा है। डा. टाकुली ने बताया कि वायरल के लिए मौसम सबसे अनुकूल है, न अधिक ठंड पड़ रही है और न अधिक गर्म हो रहा है। निजी चिकित्सक और एसटीएच से वायरल के मरीजों को स्वाइन फ्लू की आशंका जताकर भेजा जा रहा है। डा. टाकुली ने कहा कि स्वाइन फ्लू के नाम पर हौवा खड़ा करना ठीक नहीं है, इससे मरीज मानसिक रूप से परेशान हो जाता है। उन्होंने बताया कि वायरल ठीक होने में लगभग एक सप्ताह का समय लग रहा है।
ये हैं वायरल के लक्षण
= भूख न लगना।
= बदन टूटना।
= सिर दर्द ।
= जोड़ों में दर्द ।
= जुकाम और खांसी होना ।
= बुखार आना।
बचाव को ये करें उपाय
= गुनगुना पानी पीएं।
= ठंडी चीजें न खाएं।
= पसीना आने पर कपड़े तुरंत बदल लें।
= साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
= फलों के साथ ही सब्जियों का अधिक प्रयोग करें।