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Nainital News: गांवों में घर बनाने से पहले नक्शा पास कराने के नियम से उखड़े ग्रामीण

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2022 11:45 PM IST
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Villagers uprooted by the rule of passing the map before building houses in the villages
हल्द्वानी। टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए नगर निकायों से बाहरी क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निर्माण का नक्शा जिला पंचायत की ओर से पास करने के प्रस्ताव पर प्रधान संगठन विरोध में उतर आए हैं। ग्राम प्रधानों का कहना है कि लंबी लड़ाई के बाद मुश्किल से ग्रामीण क्षेत्र से विकास प्राधिकरण को वापस कराया। अब जिला पंचायत ग्रामीणों पर इसे थोप रही है। ग्राम पंचायतों में जिला पंचायत का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानों का कहना है कि जिला पंचायत ने आय का नया जरिया ढूंढा है। जब मर्जी होती है दुकानों से टैक्स ले जाते हैं। जब मर्जी हाट बाजार लगा लेते हैं। ग्राम पंचायतों को इसका अंश तक नहीं मिलता है। इस नियम से तो गांव में ग्रामीणों को अपने खेत में भी घर बनाने के लिए अब अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ेगा। जिले के विभिन्न विकासखंडों के प्रधानों ने इस नियम का पुरजोर विरोध कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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प्रधानों को पहले ही उनके अधिकारों से वंचित किया गया है। सरकार को प्रधानपद ही खत्म कर देना चाहिए।
फोटो- मीना निगल्टिया, प्रधान पीपल पोखरा।
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जिला पंचायत की ओर से जो प्रस्ताव पारित हुआ है वह सरासर अन्याय है। यह पंचायत के संविधान के विपरीत निर्णय है। जिला पंचायत को टेंडर निकालकर लावारिस पशुओं को पकड़ना चाहिए।
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फोटो- ललित मोहन नेगी, प्रधान बेड़ापोखरा।
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जिला पंचायत का यह निर्णय बिल्कुल गलत है। गांव में लोग बैंकों से लोन लेकर मकान बनवा लेते थे। अब जिला पंचायत के दखल से गांव में घर बनाना भी महंगा हो जाएगा। प्रधान इस नियम का विरोध करते हैं।
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फोटो- मंजू गौड़, प्रधान कमलुवागांजा, मेहता।
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जिला पंचायत के पास कई मदों से पैसा आता है। प्रधानों के पास सिर्फ चौदहवां और पंद्रहवां वित्त है। भवनों के नक्शे पास करना, वसूलने का अधिकार ग्राम पंचायतों में प्रधानों के पास होना चाहिए। सभी जिला पंचायत के इस फैसले का खुलकर विरोध करेंगे।
फोटो- दीपा दरम्वाल, प्रधान देवलचौड़ खाम।
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एक तरफ ग्राम पंचायतों को मजबूत करने की बात कही जाती है। दूसरी तरफ ग्राम पंचायतों का अधिकार लगातार छीना जा रहा है। प्रधान प्रबल रूप से जिला पंचायत के इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं।
फोटो- नंदन सिंह बोरा, प्रधान चोरगलिया अमखेड़ा।
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गांव में भवन निर्माण के लिए जिला पंचायत से नक्शा पास कराने का हम विरोध करते हैं। यह अधिकार ग्राम पंचायतों को देने चाहिए। पंचायत राज में 29 विभाग पंचायतों को देने के बजाय और भी पंचायतों के अधिकार लेना सरासर गलत है। यह ग्राम पंचायतों के अधिकार का हनन करना है।
फोटो- विनीता नौला, प्रधान देवला तल्ला गौलापार
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ग्राम प्रधान जिला पंचायत की ओर से थोपे गए नियम का विरोध करते हैं। अनुच्छेद 1.10 (1) में ग्राम पंचायत ही विकास शुल्क लगा सकती है और सभी कर ग्राम पंचायत ही लगाएगी। हम नियम का पूरी तरह विरोध करेंगे और नियम को लागू नहीं होने देंगे। जल्द ही ग्राम प्रधान संगठन सभा का आयोजन कर आगे की रणनीति पर विचार करेगी।
फोटो- रामलाल, महामंत्री प्रधान संगठन हल्द्वानी।
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जिला पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत अंतर्गत भवन निर्माण में नक्शा पास कराए जाने की अनिवार्यता को ग्राम प्रधान संगठन द्वारा गलत करार दिया गया है। प्रधान संगठन ने इसे पंचायत अधिनियम 46 का उल्लंघन भी बताया है। लिहाजा ग्राम प्रधान अब इस बात को लेकर एकजुट हैं कि जिला पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत अंतर्गत लगने वाली हाट बाजार का विरोध किया जाएगा तथा भवन निर्माण के नक्शे भी खुद पास कराए जाएंगे। रुक्मिणी नेगी, अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन हल्द्वानी।
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कोट-
जबरन दबाव नहीं है। एक माह तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया है। अगर इस एक माह में आपत्तियां आती हैं और ग्रामीण विरोध करते हैं तो प्रस्ताव वापस लिया जाएगा।
बेला तोलिया, अध्यक्ष जिला पंचायत, नैनीताल
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। जिला पंचायत नैनीताल की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निर्माण पर शुल्क (निर्माण कर) लिए जाने के निर्णय पर भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने नाराजगी जाहिर की है। बिष्ट ने कहा कि जिला पंचायत की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में शुल्क लगाना गलत है।

उन्होंने कहा कि पंचायतों का काम ग्रामीणों को स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देना होता है। इसके लिए सरकार 15वें वित्त और राज्य वित्त से ग्राम पंचायतों के खाते में सीधे धनराशि भेजती है। जिला पंचायत ग्रामीणों को सुविधा देने के बजाए ग्रामीणों पर निर्माण कर लगाने की कार्रवाई कर रही है। यह ग्रामीणों के साथ अन्याय है। बिष्ट ने कहा कि सभी ब्लॉक प्रमुखों, प्रधानों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और सामाजिक संगठनों के साथ इस निर्णय का विरोध किया जाएगा। भीमताल की पूर्व ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में शुल्क लगाने की निंदा की है। इस मामले में बुधवार को बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी।
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