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Nainital News: यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क लगने से पेट्रोल पंप डीलरों में चिंता
Sun, 20 Sep 2026 12:59 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:59 AM IST
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हल्द्वानी। दो हजार रुपये से अधिक की धनराशि के यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लागू होने से पेट्रोल पंप स्वामी भी चिंतित हैं। पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कुमाऊं मंडल के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर गठित संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क साधा है। स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि दो हजार रुपये से अधिक का भुगतान यूपीआई से लेना है या नहीं, इस पर केंद्रीय संगठन का जो फैसला होगा उसे यहां भी लागू किया जाएगा।
कुमाऊं के सबसे बड़े कारोबारी शहर हल्द्वानी के पेट्रोल पंप संचालकों ने चिंता जताई है कि यदि 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लागू होता है, तो उन्हें इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रति दिन कम से कम दो हजार से अधिक के दो सौ ट्रांजेक्शन होते हैं। उनका कहना है कि ट्रक, बस और टैक्सी स्वामियों का पेट्रोल-डीजल का बिल अधिकतर दो हजार से अधिक का रहता है। यदि वह इस भुगतान को यूपीआई से लेंगे तो इससे उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ेगा।
पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा का कहना है कि इस निर्णय से ट्रक और बस ऑपरेटर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि उन्हें रोजाना डीजल खरीदना पड़ता है और अधिकतर भुगतान यूपीआई के जरिये ही किया जाता है। ऐसे में उन्हें नकद या चेक से लेनदेन करना पड़ सकता है। चड्ढा ने बताया कि इस मुद्दे पर वह राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के नेताओं के संपर्क में हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व जो फैसला लेगा उसे यहां भी लागू किया जाएगा।
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कुमाऊं के सबसे बड़े कारोबारी शहर हल्द्वानी के पेट्रोल पंप संचालकों ने चिंता जताई है कि यदि 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लागू होता है, तो उन्हें इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर प्रति दिन कम से कम दो हजार से अधिक के दो सौ ट्रांजेक्शन होते हैं। उनका कहना है कि ट्रक, बस और टैक्सी स्वामियों का पेट्रोल-डीजल का बिल अधिकतर दो हजार से अधिक का रहता है। यदि वह इस भुगतान को यूपीआई से लेंगे तो इससे उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ेगा।
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पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा का कहना है कि इस निर्णय से ट्रक और बस ऑपरेटर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि उन्हें रोजाना डीजल खरीदना पड़ता है और अधिकतर भुगतान यूपीआई के जरिये ही किया जाता है। ऐसे में उन्हें नकद या चेक से लेनदेन करना पड़ सकता है। चड्ढा ने बताया कि इस मुद्दे पर वह राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के नेताओं के संपर्क में हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व जो फैसला लेगा उसे यहां भी लागू किया जाएगा।
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