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शुक्र होंगे राजा और बुध मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:28 AM IST
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नवरात्र
- फोटो : अमर उजाला
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चैत्र शुक्ल पक्ष वर्ष प्रतिपदा से चैत्र नवरात्र का आरंभ होगा। शुक्रवार से नौ दिन तक मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजन किया जाएगा। प्रात: सूर्योदय से मध्याह्न एक बजे तक कलश स्थापना और ध्वजा रोहण किया जा सकता है।
शुक्रवार माता लक्ष्मी का वार होने के कारण इस दिन शैलपुत्री के रूप में माता की स्थापना की जाएगी। नव दुर्गा के आरंभ में सिंह वाहनी के रूप में चतुर्भुज रूप धारण कर माता अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है। सत्व गुण से युक्त, तप की मुद्रा में उत्तर की ओर मुख की हुई माता के पूजन का समय प्रात: सूर्योदय से प्रारंभ हो जाएगा, जो मध्याह्न एक बजे तक चलेगा।
महादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डा. नवीन चंद्र जोशी के अनुसार भारतीय नव संवत्सर यानी विक्रम संवत 2073 का आरंभ आठ अप्रैल से होगा। इस वर्ष सौम्या नाम का संवत्सर है, इसमें दैत्य गुरु शुक्राचार्य राजा और बुध मंत्री हैं। सौम्य संवत्सर में वृष, कन्या व मकर राशि अपैट रहेगा और कर्क, वृश्चिक और मीन राशि को विषुवत संक्रांति समृद्धि प्राप्त होती है। अन्न का उत्पादन अधिक मात्रा में होगा और विश्व स्तर पर भारत का वर्चस्व बढ़ेगा। जिन राशियों को वर्ष अपैट है, वे चंद्रमा पूजन व शिव रुद्री पाठ कराकर दोष निवारण करें।
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शुक्रवार माता लक्ष्मी का वार होने के कारण इस दिन शैलपुत्री के रूप में माता की स्थापना की जाएगी। नव दुर्गा के आरंभ में सिंह वाहनी के रूप में चतुर्भुज रूप धारण कर माता अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है। सत्व गुण से युक्त, तप की मुद्रा में उत्तर की ओर मुख की हुई माता के पूजन का समय प्रात: सूर्योदय से प्रारंभ हो जाएगा, जो मध्याह्न एक बजे तक चलेगा।
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महादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डा. नवीन चंद्र जोशी के अनुसार भारतीय नव संवत्सर यानी विक्रम संवत 2073 का आरंभ आठ अप्रैल से होगा। इस वर्ष सौम्या नाम का संवत्सर है, इसमें दैत्य गुरु शुक्राचार्य राजा और बुध मंत्री हैं। सौम्य संवत्सर में वृष, कन्या व मकर राशि अपैट रहेगा और कर्क, वृश्चिक और मीन राशि को विषुवत संक्रांति समृद्धि प्राप्त होती है। अन्न का उत्पादन अधिक मात्रा में होगा और विश्व स्तर पर भारत का वर्चस्व बढ़ेगा। जिन राशियों को वर्ष अपैट है, वे चंद्रमा पूजन व शिव रुद्री पाठ कराकर दोष निवारण करें।
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