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Uttarakhand News: बीएड कॉलेजों की शिक्षा गुणवत्ता पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को मांगा जवाब
Fri, 07 Aug 2026 08:26 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Fri, 07 Aug 2026 08:26 PM IST
सार
नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी बीएड कॉलेजों व मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी बीएड कॉलेजों व संबंधित विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा देने वाले कालेजों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार प्रदेश में शिक्षा कि गुणवता को बढ़ावा दिए जाने को लेकर पिथौरागढ़ निवासी अधिवक्ता डाक्टर राजेश पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। बीते दिन हुई सुनवाई पर याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि दो वर्ष बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के संबंध में कोई हलफनामा कोर्ट में पेश नही किया है। ऊपर से सरकार हर साल मान्यता प्राप्त कालेजों का संचालन का कार्यकाल बढ़ा रही है। जबकि कालेजों में ना शिक्षक है और ना ही पढ़ने वाले छात्रों के लिए कोई सुविधाएं उपलब्ध है।
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कालेज हर वर्ष छात्रों से कोर्स के नाम पर कई गुना फीस वसूल कर रहे है। उसके मुताबिक उन्हें कोई सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। याचिका में कहा गया था कि छात्र-छात्राओं से पूरा शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई बीएड कॉलेजों में आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। जिसकी वजह से प्रदेश का शिक्षा स्तर हर वर्ष गिर गिर रहा है। याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी दिशा निर्देशों का अवलोकन कोर्ट को कराया। जिसमें शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि उचित प्रशिक्षण और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के बिना तैयार हुए शिक्षक प्रभावी शिक्षण कार्य नहीं कर सकते और इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। याचिका में कहा कि उच्च शिक्षा और शिक्षक शिक्षा से जुड़े कई निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
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