{"_id":"69275f6649479e08390f5b02","slug":"uou-and-iit-roorkee-to-jointly-advance-research-and-technological-innovation-haldwani-news-c-337-1-shld1032-127639-2025-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को मिलकर आगे बढ़ाएंगे यूओयू और आईआईटी रूड़की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को मिलकर आगे बढ़ाएंगे यूओयू और आईआईटी रूड़की
विज्ञापन
हल्द्वानी। मुक्त विश्वविद्यालय और आईआईटी रूड़की अब प्रदेश में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को मिलकर आगे बढ़ाएंगे। दोनों शिक्षण संस्थानों के बीच बुधवार को महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए। आईआईटी रूड़की स्वदेशी तकनीक विकास के साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन और हाइब्रिड प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगा।
आईआईटी के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि कृषि एवं खाद्य उत्पादों से संबंधित तकनीक, जैविक नवाचारों तथा डेटा-सेंसर आधारित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भूस्खलन की घटनाओं का समाधान सेंसर आधारित तकनीक से खोजा जा सकता है। इस पर आईआईटी रूड़की कार्य कर रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने बताया कि भविष्य में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की तर्ज पर एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (ईऍमआरसी) स्थापित करने की योजना पर विवि गंभीरता से कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
वहां प्रो. गिरजा पांडे, प्रो. आशुतोष भट्ट, कुलसचिव डॉ. खेमराज, प्रो. जीतेंद्र पांडे, प्रो. राकेश रयाल, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. पीडी पंत, डॉ. बालम दफौटी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आईआईटी के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि कृषि एवं खाद्य उत्पादों से संबंधित तकनीक, जैविक नवाचारों तथा डेटा-सेंसर आधारित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भूस्खलन की घटनाओं का समाधान सेंसर आधारित तकनीक से खोजा जा सकता है। इस पर आईआईटी रूड़की कार्य कर रहा है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने बताया कि भविष्य में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की तर्ज पर एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (ईऍमआरसी) स्थापित करने की योजना पर विवि गंभीरता से कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
वहां प्रो. गिरजा पांडे, प्रो. आशुतोष भट्ट, कुलसचिव डॉ. खेमराज, प्रो. जीतेंद्र पांडे, प्रो. राकेश रयाल, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. पीडी पंत, डॉ. बालम दफौटी आदि मौजूद रहे।