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Nainital News: डर के साए में विभाग बच्चों को पढ़ा रहा भरोसे का पाठ
Mon, 01 Sep 2025 12:59 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 01 Sep 2025 12:59 AM IST
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रायका मंगली का जर्जर भवन व खतरे के साए में पढ़ते बच्चे
कालाढूंगी। विकासखंड भीमताल क्षेत्र का राजकीय इंटर कॉलेज मंगोली अपनी जर्जर हालत के चलते विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता का कारण बना हुआ है। ध्वस्तीकरण का आदेश स्कूल भवन के लिए किया जा चुका है, मगर यहां खतरे में बैठकर छात्र-छात्राएं अध्ययन को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग का जर्जर भवन पर यह भरोसा बच्चों के लिए कभी भी गंभीर खतरा बन सकता है।
वर्ष 1988-89 में जूनियर हाईस्कूल से और 1998-99 में इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत इस विद्यालय में करीब 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसमें विज्ञान वर्ग के 35 छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। विद्यालय का मुख्य भवन, प्रयोगशाला पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। बरसात में विद्यार्थियों को वैकल्पिक कक्षाओं में बैठाना पड़ता है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हुकुम सिंह अधिकारी का कहना है कि लगातार शिक्षा विभाग और अधिकारियों को पत्राचार करने के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही अब तक नहीं हुई है। विद्यालय में स्वीकृत 16 के सापेक्ष 12 अध्यापक ही कार्यरत हैं। हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और व्यायाम शिक्षक के पद रिक्त हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश मेहरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गणेश सिंह मेहरा, ग्राम प्रधान नलनी गोविंद सिंह मेहरा, ग्राम प्रधान मंगोली भारती मेहरा और ग्राम प्रधान खमारी हेमचंद्र बहुखंडी सहित कई जनप्रतिनिधि पहले ही नैनीताल की विधायक सरिता आर्या को विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता चुके हैं। अध्यापक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष इंद्र सिंह कोरंगा बताते हैं कि जर्जर भवन के कारण अभिभावक बच्चों का प्रवेश नैनीताल या कालाढूंगी के विद्यालयों में कराने को विवश हैं।
विद्यालय को डी श्रेणी में रखा गया है। विद्यालय में मरम्मत और निर्माण कार्यों के लिए आगणन तैयार किया जा रहा है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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- पुष्कर टम्टा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक, नैनीताल
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वर्ष 1988-89 में जूनियर हाईस्कूल से और 1998-99 में इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत इस विद्यालय में करीब 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसमें विज्ञान वर्ग के 35 छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। विद्यालय का मुख्य भवन, प्रयोगशाला पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। बरसात में विद्यार्थियों को वैकल्पिक कक्षाओं में बैठाना पड़ता है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हुकुम सिंह अधिकारी का कहना है कि लगातार शिक्षा विभाग और अधिकारियों को पत्राचार करने के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही अब तक नहीं हुई है। विद्यालय में स्वीकृत 16 के सापेक्ष 12 अध्यापक ही कार्यरत हैं। हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और व्यायाम शिक्षक के पद रिक्त हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश मेहरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गणेश सिंह मेहरा, ग्राम प्रधान नलनी गोविंद सिंह मेहरा, ग्राम प्रधान मंगोली भारती मेहरा और ग्राम प्रधान खमारी हेमचंद्र बहुखंडी सहित कई जनप्रतिनिधि पहले ही नैनीताल की विधायक सरिता आर्या को विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता चुके हैं। अध्यापक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष इंद्र सिंह कोरंगा बताते हैं कि जर्जर भवन के कारण अभिभावक बच्चों का प्रवेश नैनीताल या कालाढूंगी के विद्यालयों में कराने को विवश हैं।
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विद्यालय को डी श्रेणी में रखा गया है। विद्यालय में मरम्मत और निर्माण कार्यों के लिए आगणन तैयार किया जा रहा है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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- पुष्कर टम्टा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक, नैनीताल