{"_id":"6283f0caf6394f457d187de5","slug":"two-people-died-due-to-storm-heavy-destruction-haldwani-news-hld462959033","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंधी से दो लोगों की मौत, हुई भारी तबाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंधी से दो लोगों की मौत, हुई भारी तबाही
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी/रामनगर। आंधी से पेड़ गिरने के कारण सिडकुल कर्मी समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
सोमवार रात आंधी से टांडा जंगल में सिर पर पेड़ गिरने से रामपुर रोड में सिडकुल कर्मी की मौत हो गई। इससे पहले सोमवार रात को ही कालाढूंगी मार्ग पर भी पेड़ गिरने से एक टैक्सी चालक रवि आर्या की मौत हो गई थी। पिथौरागढ़ जिले के स्यूनूरा गंगोलीहाट के मूल निवासी रिटायर्ड कैप्टन मोहन सिंह मेहरा का परिवार हल्द्वानी के बिठौरिया नंबर एक गैर वैशाली सरस्वती इंक्लेव में रहता है। रिटायर्ड कैप्टन का बड़ा पुत्र मनोज सिंह मेहरा (35) सिड्कुल में नौकरी करता था। मनोज सोमवार रात भी निजी बस से घर लौट रहा था। टांडा जंगल में बस के आगे पेड़ गिरने पर बस रोक दी गई। यात्रियों के साथ मनोज पेड़ को हटाने के लिए आगे चला गया। इस बीच पेड़ की वजनी डाल उसके सिर पर गिर पड़ी। एचटीएच आने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मनोज दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई राहुल नोएडा में साफ्टवेयर इंजीनियर है।
रामनगर के रेलवे पड़ाव निवासी 45 वर्षीय हरिराम सैनी अपने साढू के 11 वर्षीय पुत्र अन्नू के साथ बाइक से ढिकुली की ओर जा रहे था। रास्ते में सड़क पर गिरे पेड़ से उसकी बाइक टकरा गई। बाइक टकराने से दोनों घायल हो गए। हरिराम को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर भेजा गया। काशीपुर के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
बेटा का चेहरा देखते ही पिता की हालत बिगड़ी
देश की सीमा पर मोर्चा संभालने वाले रिटायर्ड कैप्टन मोहन सिंह दुश्मनों के आगे कभी नहीं डिगे लेकिन बड़े बेटे मनोज का चेहरा मोर्चरी में देखने के बाद वह फफककर रो पड़े। परिवार के लोगों ने उनको संभाला। मोहन सिंह का कहना था कि मनोज की साढ़े चार साल और छह माह की दो बेटियां हैं। बोले-मेरा लाल दूसरों की भलाई के लिए चला गया। अब बहू और पौत्रियों को कैसे संभालूंगा।
विज्ञापन
..............
पैर फिसलने से अधेड़ की मौत
रामनगर। ग्राम लुहेड़ा तहसील सल्ट अल्मोड़ा निवासी 55 वर्षीय भोपाल सिंह गांव में ही किसी विवाह समारोह में जा रहे थे। पहाड़ी पर चढ़ने के दौरान उनका पैर फिसला और वह करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गए। कुछ लोगों ने उन्हें खाई से बाहर निकाला। रामनगर सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्होें मृत घोषित कर दिया। (संवाद)
विज्ञापन
सोमवार रात आंधी से टांडा जंगल में सिर पर पेड़ गिरने से रामपुर रोड में सिडकुल कर्मी की मौत हो गई। इससे पहले सोमवार रात को ही कालाढूंगी मार्ग पर भी पेड़ गिरने से एक टैक्सी चालक रवि आर्या की मौत हो गई थी। पिथौरागढ़ जिले के स्यूनूरा गंगोलीहाट के मूल निवासी रिटायर्ड कैप्टन मोहन सिंह मेहरा का परिवार हल्द्वानी के बिठौरिया नंबर एक गैर वैशाली सरस्वती इंक्लेव में रहता है। रिटायर्ड कैप्टन का बड़ा पुत्र मनोज सिंह मेहरा (35) सिड्कुल में नौकरी करता था। मनोज सोमवार रात भी निजी बस से घर लौट रहा था। टांडा जंगल में बस के आगे पेड़ गिरने पर बस रोक दी गई। यात्रियों के साथ मनोज पेड़ को हटाने के लिए आगे चला गया। इस बीच पेड़ की वजनी डाल उसके सिर पर गिर पड़ी। एचटीएच आने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मनोज दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई राहुल नोएडा में साफ्टवेयर इंजीनियर है।
रामनगर के रेलवे पड़ाव निवासी 45 वर्षीय हरिराम सैनी अपने साढू के 11 वर्षीय पुत्र अन्नू के साथ बाइक से ढिकुली की ओर जा रहे था। रास्ते में सड़क पर गिरे पेड़ से उसकी बाइक टकरा गई। बाइक टकराने से दोनों घायल हो गए। हरिराम को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर भेजा गया। काशीपुर के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
बेटा का चेहरा देखते ही पिता की हालत बिगड़ी
देश की सीमा पर मोर्चा संभालने वाले रिटायर्ड कैप्टन मोहन सिंह दुश्मनों के आगे कभी नहीं डिगे लेकिन बड़े बेटे मनोज का चेहरा मोर्चरी में देखने के बाद वह फफककर रो पड़े। परिवार के लोगों ने उनको संभाला। मोहन सिंह का कहना था कि मनोज की साढ़े चार साल और छह माह की दो बेटियां हैं। बोले-मेरा लाल दूसरों की भलाई के लिए चला गया। अब बहू और पौत्रियों को कैसे संभालूंगा।
विज्ञापन
..............
पैर फिसलने से अधेड़ की मौत
रामनगर। ग्राम लुहेड़ा तहसील सल्ट अल्मोड़ा निवासी 55 वर्षीय भोपाल सिंह गांव में ही किसी विवाह समारोह में जा रहे थे। पहाड़ी पर चढ़ने के दौरान उनका पैर फिसला और वह करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गए। कुछ लोगों ने उन्हें खाई से बाहर निकाला। रामनगर सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्होें मृत घोषित कर दिया। (संवाद)