{"_id":"56eb01da4f1c1b96258b49f1","slug":"twenty-two-million-of-government-departments-has-drunk-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी महकमे पी गए पौने दो करोड़ का पानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी महकमे पी गए पौने दो करोड़ का पानी
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी महकमों पर कायदे-कानून का कोई असर नहीं है। तभी तो वर्षों तक पानी का प्रयोग करने वाले सरकारी महकमों ने जल मूल्य नहीं दिया है। जल संस्थान ने भी दरियादिली दिखाई और महकमों को भरपूर पानी देते रहे।
वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में जल संस्थान को बकाएदारों की याद आई तो सरकारी बकाएदारों की फेहरिस्त सबसे लंबी है। नौ विभागों पर लगभग पौने दो करोड़ से अधिक का बकाया है। विभाग ने अब वसूली के लिए सहायक अभियंताओं की टीम गठित कर दी है।
निजी कंपनियों या घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया अधिक होने पर जल संस्थान फौरन हरकत में आ जाता है। उपभोक्ता को नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस के बाद भी बकाया न जमा होने पर रिकवरी के लिए आरसी जारी कराई जाती है। कई बार तो कनेक्शन भी काट दिया जाता है।
विज्ञापन
सरकारी महकमों पर बकाया वसूली को लेकर जल संस्थान के अधिकारियों ने भी ज्यादा मेहनत नहीं की। सरकारी विभागों पर एक-दो माह या एक-दो वर्ष का नहीं बल्कि कई वर्षों का बकाया है। नौ सरकारी विभागों पर लगभग 01करोड़ 80 लाख रुपये का बकाया है।
===================
विभाग बकाए की राशि
वन 01 करोड़, 22 लाख
लोनिवि 08 लाख, 84 हजार
नगर निगम 35 लाख
कैनाल जमरानी 05 लाख, 66 हजार
बिजली 02 लाख, 25 हजार
स्वास्थ्य 02 लाख, 90 हजार
तहसील 01 लाख, 75 हजार
पुलिस 50 हजार
महिला विद्यालय 30 हजार
:::::::::::::::::::::::::::::::::::
कोट
कुछ विभागों के बिल ट्रेजरी में फंसे हुए हैं। सरकारी विभागों से वसूली के लिए सहायक अभियंताओं की टीम गठित की गई है। विभागाध्यक्षों से बकाया अदा करने के लिए आग्रह किया जा रहा है। सरकारी विभागों पर बकाया होने की स्थिति में नोटिस देने का प्रावधान नहीं है।
संतोष कुमार उपाध्याय
अधिशासी अभियंता
जल संस्थान
=================
गौला से कम हुई आपूर्ति, एक घंटे सप्लाई बाधित
हल्द्वानी। गौला से फिल्टर प्लांट को होने वाली आपूर्ति बृहस्पतिवार को एक घंटे बाधित रही। गौला से जल संस्थान के फिल्टर प्लांट को 35 क्यूसेक पानी प्रतिदिन दिया जाता है। बैराज से एक घंटे के लिए ढाला खोल दिया गया। ढाला खोलने से 35 क्यूसेक की जगह फिल्टर प्लांट को 17 ही क्यूसेक पानी मिला। सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। जल संस्थान के कर्मियों ने बैराज पर पहुंचकर अधिकारियों से आग्रह कर सप्लाई सामान्य कराई।
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में जल संस्थान को बकाएदारों की याद आई तो सरकारी बकाएदारों की फेहरिस्त सबसे लंबी है। नौ विभागों पर लगभग पौने दो करोड़ से अधिक का बकाया है। विभाग ने अब वसूली के लिए सहायक अभियंताओं की टीम गठित कर दी है।
विज्ञापन
निजी कंपनियों या घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया अधिक होने पर जल संस्थान फौरन हरकत में आ जाता है। उपभोक्ता को नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस के बाद भी बकाया न जमा होने पर रिकवरी के लिए आरसी जारी कराई जाती है। कई बार तो कनेक्शन भी काट दिया जाता है।
विज्ञापन
सरकारी महकमों पर बकाया वसूली को लेकर जल संस्थान के अधिकारियों ने भी ज्यादा मेहनत नहीं की। सरकारी विभागों पर एक-दो माह या एक-दो वर्ष का नहीं बल्कि कई वर्षों का बकाया है। नौ सरकारी विभागों पर लगभग 01करोड़ 80 लाख रुपये का बकाया है।
===================
विभाग बकाए की राशि
वन 01 करोड़, 22 लाख
लोनिवि 08 लाख, 84 हजार
नगर निगम 35 लाख
कैनाल जमरानी 05 लाख, 66 हजार
बिजली 02 लाख, 25 हजार
स्वास्थ्य 02 लाख, 90 हजार
तहसील 01 लाख, 75 हजार
पुलिस 50 हजार
महिला विद्यालय 30 हजार
:::::::::::::::::::::::::::::::::::
कोट
कुछ विभागों के बिल ट्रेजरी में फंसे हुए हैं। सरकारी विभागों से वसूली के लिए सहायक अभियंताओं की टीम गठित की गई है। विभागाध्यक्षों से बकाया अदा करने के लिए आग्रह किया जा रहा है। सरकारी विभागों पर बकाया होने की स्थिति में नोटिस देने का प्रावधान नहीं है।
संतोष कुमार उपाध्याय
अधिशासी अभियंता
जल संस्थान
=================
गौला से कम हुई आपूर्ति, एक घंटे सप्लाई बाधित
हल्द्वानी। गौला से फिल्टर प्लांट को होने वाली आपूर्ति बृहस्पतिवार को एक घंटे बाधित रही। गौला से जल संस्थान के फिल्टर प्लांट को 35 क्यूसेक पानी प्रतिदिन दिया जाता है। बैराज से एक घंटे के लिए ढाला खोल दिया गया। ढाला खोलने से 35 क्यूसेक की जगह फिल्टर प्लांट को 17 ही क्यूसेक पानी मिला। सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। जल संस्थान के कर्मियों ने बैराज पर पहुंचकर अधिकारियों से आग्रह कर सप्लाई सामान्य कराई।