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अब फताबंगर के ट्यूबवेल की मोटर फुंकी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 05 Jun 2015 01:55 AM IST
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बृहस्पतिवार को फताबंगर का ट्यूबवेल फुंकने से हाहाकार मच गया। पांच हजार लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ना।
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शहर के कई क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट से निजात नहीं मिल रही है। बृहस्पतिवार को फताबंगर का ट्यूबवेल फुंक गया। लोग काफी दूर से सिर पर पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। हालांकि जल संस्थान के अधिकारियों को दावा है कि टैंकरों से आपूर्ति कराई जा रही है।
विभागीय टैंकर चालकों की मर्जी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ती है। टैंकर चालक एक चक्कर लगाने के बाद दोबारा प्रभावित क्षेत्र में नहीं जाते हैं। वहीं, डहरिया में एक सप्ताह से पेयजल संकट झेल रहे लोगों के सब्र का बांध गुरुवार को टूट गया। लोगों ने अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय का घेराव किया और सुचारु जलापूर्ति की मांग की। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि कई जगह पेयजल व्यवस्था में सुधार हुआ है, मगर वास्तविकता यह है कि लो वोल्टेज के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं।
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दूसरी ओर पार्षद राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अधिशासी अभियंता का घेराव किया और पालीशीट, हाइडिल गेट, शीशमहल में सुचारु आपूर्ति की मांग की। साथ ही सीवर के ढक्कन बंद कराने को कहा। इस दौरान संदीप, देवेंद्र बिष्ट, खीमानंद जोशी, राजकुमार, भूपेंद्र बिष्ट आदि थे। अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जेनरेटर से आठ ट्यूबवेल चल रहे हैं। जल्द ही आठ जेनरेटर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किराये पर लिए जाएंगे।
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