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आफत हजार, खेत-रास्ते बह गए, अब नहीं बचा घर-बार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 02:00 AM IST
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Thousands of disasters, fields and roads were washed away, now there is no house-bar left
भीमताल/गरमपानी/पहाड़पानी (नैनीताल)। आपदा लोगों के लिए आफत लेकर आई है। उनकी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। घर, खेत खलिहान और रास्ते बह गए हैं। उनके सामने जिंदगी की जंग जीतने की चुनौती है। किसानों की मेहनत पर आपदा ने पानी फेर दिया। चाफी, अलचौना क्षेत्र में पत्ता गोभी की फसलें मलबे में दबने से बर्बाद हो गईं।
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अलचौना के किसान शिव नारायण सिंह अलचौनी ने बताया कि खेत में लगी 300 कट्टों से भी अधिक पत्ता गोभी मलबे से दब गई। बैंक से कृषि के लिए ऋण लिया था अब ऋण कैसे चुकाएंगे इसे लेकर चिंतित है।
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बेतालघाट ब्लॉक के उल्गौर तोक धारी, लोहाली, हरिनगर में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। ओम प्रकाश पांडेय ने बताया कि गांव की सड़क मलबा और पत्थर आने से बंद है। मकान, दुकान और गोदाम में रखा सामान बर्बाद हो गया है। भूपाल राम का मकान टूटने से जानवर दबे पड़े है। ग्रामीणों के आडू के बगीचे भी रोखड़ में बदल गए हैं। पीतांबर भट्ट, गिरीश कुमार जोशी, पूर्ण भट्ट के मकान में मलबा घुसा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सड़क खुलवाने की मांग की है। ग्रामसभा सिरोडी, मछली डिग्गी और भवाली गांव में भी आपदा के कहर से लोग बेहाल हैं।
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भानु सिंह बिष्ट, गिरधारी सिंह बिष्ट, जमन सिंह, शशि, सौरभ, जीवन सिंह, केसर सिंह, गौरव सिंह, खड़क सिंह, राम सिंह, नितेश सिंह, राजेंद्र सिंह आदि के मकान और खेत बह गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। ओखलकांडा ब्लॉक के घडता में दीवान सिंह बोहरा के मकान भी खतरे की जद में है। नाई गांव में उम्मेद सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। नरेश सिंह नयाल, उत्तम नयाल को खतरा बना हुआ है। प्रधान तारी नयाल ने प्रशासन को घटना से अवगत कराने के साथ मुआवजे की मांग की है।
पाइप लाइन बहने से पानी का संकट
भीमताल/बेतालघाट (नैनीताल)। आपदा में हर जगह पेयजल लाइनों के बहने से अब लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। लोग हैंडपंप और जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर है। वहीं बेतालघाट क्षेत्र की के घिरोली गधेरे में टूटी पाइप लाइनों से पानी बह रहा है और बाजार, डाबर, जतना, अमेल गांव में पानी की किल्लत है। पंप हाउस में बिजली नहीं होने से जोशीखोला, तिवारीखोला सुनस्यारी, बिनकोट, हल्ड्यानी चियोनी, नोगांव, जतना गांव में पेयजल सप्लाई बंद है। इससे ग्रामीण पुराने जल स्रोतों से पानी भटक रहे हैं।
जलसंस्थान के जेई राजेश कुमार ने बताया कि चापड़ योजना से पानी सप्लाई शुरू कर दी है।
उधर, भवाली के घोड़ाखाल रोड स्थित तीन मोड़, हिम्मतपुर, ल्वेशाल के गोपाल आर्य और राजीव खैरा ने बताया कि पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से गांवों में पांच दिनों से पानी की सप्लाई बंद है।
शहीद बलवंत सिंह मोटर मार्ग भी बह गया
गरमपानी। शहीद बलवंत सिंह मोटर मार्ग धारी उडियार और काली पहाड़ी के पास पूरी तरह से बह गई। मार्ग बंद होने से वर्धो, रतौडा़, बढेरी, नैनीचेक, बेतालघाट गांव के लोगों का संपर्क बाजार क्षेत्र से कट गया। वर्धो निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य हरीश सिंह मेहरा ने विभागीय अधिकारियों से जल्द सड़क खुलवाने की मांग की है।

इधर, ओखलकांडा ब्लॉक की ग्रामसभा थलाड़ी की सड़क पांचवें दिन भी बंद है। ग्रामीणों ने बताया कि आपदा में थलाड़ी में एक ही परिवार के छह लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं लेकिन प्रशासन की ओर से गांव की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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