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अब लाभार्थियों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
राजीव शुक्ला, हल्द्वानी।
Updated Tue, 31 May 2016 11:28 PM IST
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तमाम प्रयासों के बाद समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजना में हो रही गड़बड़ी को रोकने के लिए अब नया शासनादेश निकाला गया है। लाभार्थी का थर्ड पार्टी आडिट होगा। साथ ही, जीवित प्रमाण पत्र पत्र प्रत्येक वित्तीय वर्ष में लिया जाएगा।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग ब्लॉक में मृतक को वर्ष 2012 से लगातार पेंशन देने का मामला प्रकाश में आने के बाद समाज कल्याण विभाग हरकत में आ गया। सहायक समाज कल्याण अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। आवेदन की प्रक्रिया सख्त होने के बावजूद पेंशन योजनाओं में हो रही गड़बड़ी नहीं रुक रही है। समाज कल्याण विभाग की सचिव भूपेंद्र कौर औलख ने शासनादेश जारी किया है। नए शासनादेश के तहत पेंशन का लाभ ले रहे पात्रों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अपनी जीवित होने का प्रमाण देना होगा।
ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी और शहरी क्षेत्र में प्रमाण पत्र पटवारी या लेखपाल के स्तर से जारी होगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी को साफ्टवेयर में जीवित प्रमाण पत्र को अपलोड करना होगा। साफ्टवेयर में उक्त कालम खाली होने पर पात्र की पेंशन खाते में नहीं जाएगी। लाभार्थी के जीवित होने, पात्र या अपात्र होने का थर्ड पार्टी आडिट भी कराया जाएगा। थर्ड पार्टी आडिट के तहत मौके पर जाकर टीम लाभार्थी का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट देगी। पेंशन के पात्रों के लिए आधार कार्ड को भी आवश्यक कर दिया गया है।
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आधार कार्ड न देने पर भी पेंशन समाज कल्याण विभाग की ओर से नहीं दी जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक छह माह में ग्राम पंचायत कार्यालय में पेंशन लेने वाले लाभार्थियों की सूची चस्पा की जाएगी। लाभार्थियों का नाम बुलाया जाएगा और जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी सोशल आडिट कराकर रिपोर्ट देंगे।
कोट
जीवन प्रमाण पत्र अपलोड करने के लिए साफ्टवेयर में संशोधन किया जा रहा है। स्कालरशिप लेने वाले पात्रों की भी सूची ग्राम पंचायत कार्यालय में चस्पा की जाएगी। गड़बड़ी रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- जीआर नौटियाल, उपनिदेशक, समाज कल्याण विभाग
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चमोली जिले के कर्णप्रयाग ब्लॉक में मृतक को वर्ष 2012 से लगातार पेंशन देने का मामला प्रकाश में आने के बाद समाज कल्याण विभाग हरकत में आ गया। सहायक समाज कल्याण अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। आवेदन की प्रक्रिया सख्त होने के बावजूद पेंशन योजनाओं में हो रही गड़बड़ी नहीं रुक रही है। समाज कल्याण विभाग की सचिव भूपेंद्र कौर औलख ने शासनादेश जारी किया है। नए शासनादेश के तहत पेंशन का लाभ ले रहे पात्रों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अपनी जीवित होने का प्रमाण देना होगा।
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ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी और शहरी क्षेत्र में प्रमाण पत्र पटवारी या लेखपाल के स्तर से जारी होगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी को साफ्टवेयर में जीवित प्रमाण पत्र को अपलोड करना होगा। साफ्टवेयर में उक्त कालम खाली होने पर पात्र की पेंशन खाते में नहीं जाएगी। लाभार्थी के जीवित होने, पात्र या अपात्र होने का थर्ड पार्टी आडिट भी कराया जाएगा। थर्ड पार्टी आडिट के तहत मौके पर जाकर टीम लाभार्थी का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट देगी। पेंशन के पात्रों के लिए आधार कार्ड को भी आवश्यक कर दिया गया है।
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आधार कार्ड न देने पर भी पेंशन समाज कल्याण विभाग की ओर से नहीं दी जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक छह माह में ग्राम पंचायत कार्यालय में पेंशन लेने वाले लाभार्थियों की सूची चस्पा की जाएगी। लाभार्थियों का नाम बुलाया जाएगा और जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी सोशल आडिट कराकर रिपोर्ट देंगे।
कोट
जीवन प्रमाण पत्र अपलोड करने के लिए साफ्टवेयर में संशोधन किया जा रहा है। स्कालरशिप लेने वाले पात्रों की भी सूची ग्राम पंचायत कार्यालय में चस्पा की जाएगी। गड़बड़ी रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- जीआर नौटियाल, उपनिदेशक, समाज कल्याण विभाग