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संविधान को संशोधन की कोशिशों से सुरक्षित रखने की जरूरत : पाल
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हल्द्वानी। नगर निगम के सभागार में रविवार को संविधान बचाओ सभा का आयोजन किया गया। इसमें कुमाऊं के सभी जिलों से 300 से अधिक आंबेडकरवादी कार्यकर्ता एक मंच पर एकजुट हुए और अपने विचार रखे।
पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि संविधान को राजनीतिक बल और संशोधन की कोशिशों से सुरक्षित रखने की जरूरत है। संविधान के सिद्धांतों के साथ छेड़छाड़ हानिकारक होगी। रवि पाल ने कहा कि आरक्षण के अधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए। आरक्षण व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू करना आवश्यक है। एससी-एसटी वर्ग के अधिकारों के साथ कोई भी समझौता अस्वीकार्य होगा।
अमित आर्य ने कहा कि सांविधानिक प्रावधानों के तहत बड़ी संख्या में लोगों की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन एससी-एसटी समाज के लोगों के लिए आरक्षण के बिना यह प्रक्रिया अधूरी रहेगी। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में एससी-एसटी समाज के बच्चों को नियमानुसार छात्रवृत्ति और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
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इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई। यहां डॉ. मोहन सिंह लसपाल, आशु पडालिया, जीआर टमटा, शिव गणेश, अमित आर्य, राजेश वाल्मीकि, दीपक आर्य, कपिल बुक्सा, शिशुपाल आदि मौजूद रहे।
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पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि संविधान को राजनीतिक बल और संशोधन की कोशिशों से सुरक्षित रखने की जरूरत है। संविधान के सिद्धांतों के साथ छेड़छाड़ हानिकारक होगी। रवि पाल ने कहा कि आरक्षण के अधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए। आरक्षण व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू करना आवश्यक है। एससी-एसटी वर्ग के अधिकारों के साथ कोई भी समझौता अस्वीकार्य होगा।
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अमित आर्य ने कहा कि सांविधानिक प्रावधानों के तहत बड़ी संख्या में लोगों की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन एससी-एसटी समाज के लोगों के लिए आरक्षण के बिना यह प्रक्रिया अधूरी रहेगी। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में एससी-एसटी समाज के बच्चों को नियमानुसार छात्रवृत्ति और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
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इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई। यहां डॉ. मोहन सिंह लसपाल, आशु पडालिया, जीआर टमटा, शिव गणेश, अमित आर्य, राजेश वाल्मीकि, दीपक आर्य, कपिल बुक्सा, शिशुपाल आदि मौजूद रहे।