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फोम का गोदाम देखते-देखते हुआ होम
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:13 AM IST
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आग-1
- फोटो : अमर उजाला
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नवीननगर टेढ़ीपुलिया में फोम के गोदाम में बृहस्पतिवार दोपहर भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियों से ढाई घंटे में आग पर काबू पाया गया। दुर्घटना में लाखों की क्षति हुई है। घटना का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
नवीननगर टेढ़ीपुलिया निवासी व्यवसायी संजय अरोड़ा ने अपने छोटे भाई सोमिल अरोड़ा को मकान का बेसमेंट (गोदाम) फोम रखने के लिए दिया है। सोमिल का मंगलपड़ाव में शोरूम है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे गोदाम में आग लग गई। गोदाम से आग की लपटों को उठता देखकर संजय का परिवार घर से बाहर निकल गया।
घटना की सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह, सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने पर सीएफओ संजीवा कुमार के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने लगी, लेकिन आग भीषण रूप ले चुकी थी। पानी की बौछारों का भी असर नहीं हो रहा था। सूचना पर सेंचुरी पेपर मिल के अलावा ऊधमसिंह नगर से भी फायर ब्रिगेड के वाहन पहुंच गए। आग नियंत्रित नहीं होने पर बेसबेंट की खिड़कियां और जाली को तोड़ने का निर्णय लिया। जेसीबी से खिड़कियां और जाली तोड़ी गई।
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इसके बाद फायर फाइर्ट्स अंदर घुसकर आग बुझाने लगे। शाम करीब 4:30 बजे 15 गाड़ियों के पानी से जवानों ने आग को काबू में कर लिया। इस बीच मकान के प्रथम और द्वितीय तल के कमरों में धुआं फैल गया था। व्यवसायी संजय ने बताया कि उसका भाई सोमिल धर्मपुरा में रहता है। संभावना है कि अग्निकांड में लाखों के सामान की क्षति हुई है। हादसे में व्यवसायी का मकान तो बच गया, लेकिन नुकसान काफी पहुंचा है।
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नवीननगर टेढ़ीपुलिया निवासी व्यवसायी संजय अरोड़ा ने अपने छोटे भाई सोमिल अरोड़ा को मकान का बेसमेंट (गोदाम) फोम रखने के लिए दिया है। सोमिल का मंगलपड़ाव में शोरूम है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे गोदाम में आग लग गई। गोदाम से आग की लपटों को उठता देखकर संजय का परिवार घर से बाहर निकल गया।
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घटना की सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह, सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने पर सीएफओ संजीवा कुमार के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने लगी, लेकिन आग भीषण रूप ले चुकी थी। पानी की बौछारों का भी असर नहीं हो रहा था। सूचना पर सेंचुरी पेपर मिल के अलावा ऊधमसिंह नगर से भी फायर ब्रिगेड के वाहन पहुंच गए। आग नियंत्रित नहीं होने पर बेसबेंट की खिड़कियां और जाली को तोड़ने का निर्णय लिया। जेसीबी से खिड़कियां और जाली तोड़ी गई।
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इसके बाद फायर फाइर्ट्स अंदर घुसकर आग बुझाने लगे। शाम करीब 4:30 बजे 15 गाड़ियों के पानी से जवानों ने आग को काबू में कर लिया। इस बीच मकान के प्रथम और द्वितीय तल के कमरों में धुआं फैल गया था। व्यवसायी संजय ने बताया कि उसका भाई सोमिल धर्मपुरा में रहता है। संभावना है कि अग्निकांड में लाखों के सामान की क्षति हुई है। हादसे में व्यवसायी का मकान तो बच गया, लेकिन नुकसान काफी पहुंचा है।