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नशे के खिलाफ जंग, परंपरागत खेल खेलेंगे हम

Sat, 12 Dec 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)।
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)। Updated Sat, 12 Dec 2015 12:42 AM IST
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The war on drugs, we will play traditional games

 ‘नशे के खिलाफ जंग, परंपरागत खेल खेलेंगे हम ’ के उद्देश्य से आयोजित परंपरागत खेलों के समापन मौके पर राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि हमारी संस्कृति बेजोड़ है, इसे सहेजना जरूरी है। आज हमारी संस्कृति विलुप्त होती जा रही है। हमारी संस्कृति का कोई सानी नहीं है।

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संस्कृति से ही संस्कार पैदा होते हैं। हम सबको मिलकर अपनी संस्कृति बचानी होगी। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को संस्कृति को बचाए रखने की शपथ भी दिलाई। यशपाल आर्य ने विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया।
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परंपरागत खेलों को स्कूल कैलेंडर में शामिल करने के लिए इंस्प्रेशन स्कूल के दीपक बल्यूटिया और दीक्षांत स्कूल के समित टिक्कू को सम्मानित किया गया। एफटीआई में परंपरागत खेलों के समापन मौके पर मुख्यमंत्री हरीश रावत को पहुंचना था, लेकिन देहरादून में मौसम खराब होने के कारण उनका हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर पाया, जिस कारण अंतिम समय में मुख्यमंत्री का प्रोग्राम कैंसिल हो गया।
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 समापन मौके पर पहुंचे यशपाल आर्य ने कहा कि हमारे वाद्ययंत्र, हमारी परंपरा, हमारा संगीत, हमारे परंपरागत खेल आज विलुप्त होते जा रहे हैं। नई पीढ़ी को इनके बारे में कुछ जानकारी ही नहीं है। ऐसे में आनंद रावत ने यह आयोजन कर नई पीढ़ी को पुरानी पीढ़ी से जोड़ने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार भी इस क्षेत्र में काम कर रही है। बच्चों को  परंपरागत खेल खेलता देखना मेरे लिए काफी अच्छा अनुभव रहा है। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजीव आर्य ने परंपरागत खेलों के माध्यम से नशे के खिलाफ जंग की पहल की सराहना की। आर्य ने कहा कि बच्चों को अपने परंपरागत खेलों के बारे में जानकारी मिली और उत्साह से सभी ने प्रतिभाग किया।

बचपन के दिन याद आ गए: प्रकाश जोशी
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने कहा कि बच्चों को मैदान में पिड्डू, फुटसाल और बाघ-बकरी खेलता देख मुझे मेरे बचपन के दिन याद आ गए। उन्होंने कहा कि नौजवान पीढ़ी मोबाइल और इंटरनेट में जकड़ती जा रही है। उन्हें हमारी संस्कृति, हमारे परंपरागत खेलों के बारे में भी पता होना चाहिए। खेल हमें हमारी मिट्टी की याद दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपनी संस्कृति, अपनी परंपरा, अपने खेलों को फिर से वापस लाएं।  

नशा हो तो परंपरा को बचाने का
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और आयोजक आनंद रावत ने कहा कि बच्चों में परंपरा को बचाने का नशा होना चाहिए। परंपरागत खेल खेलने का नशा होना चाहिए। यदि दक्षिण भारतीय लोग यहां आकर मसाला डोसा फेमस कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं यहां के परंपरागत व्यंजनों को वहां ले जा सकते हैं। हमें मंडुवे की रोटी और झिंगूरे की खीर को दैनिक भोजन में शामिल करना चाहिए। जब हम खाएंगे भी तो हम यहां आने वाले पर्यटकों को भी खिलाएंगे। हम सबको मिलकर इसके लिए काम करना चाहिए।

मुवानी महोत्सव में भी होंगे परंपरागत खेल
पिथौरागढ़ में लगने वाले मुवानी महोत्सव में भी परंपरागत खेलों का आयोजन किया जाएगा। आनंद रावत ने बताया कि शनिवार से मुवानी महोत्सव शुरू हो रहा है। मेरी योजना है कि महोत्सव में भी परंपरागत खेल कराएं जाएं। आनंद रावत शनिवार को मुवानी जाएंगे। इसके अलावा नैनीताल में कार्निवाल में भी परंपरागत खेल कराए जाएंगे। आनंद रावत ने मंच से उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन संजीव आर्य को ऊधमसिंह नगर में परंपरागत खेल कराने की जिम्मेदारी दी।

अंतिम दिन लड़के कम और लड़कियां ज्यादा
परंपरागत खेल महोत्सव के अंतिम दिन लड़कियां ज्यादा थीं और लड़के कम। लड़कियों ने बढ़ चढ़कर खेलों में हिस्सा लिया। आनंद रावत ने बताया कि लड़कियों ने लड़कों के खेल फुटसाल भी खेला।

ये रहे मौजूद : आपदा प्रबंधन के अध्यक्ष प्रयाग दत्त, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद, कांग्रेस नेता खजान पांडे, मोहन गिरी गोस्वामी, ललित जोशी, बलबीर रावत, तरुण पंत, बालम बिष्ट, हरेंद्र बोरा, ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, अखिल भंडारी, भागीरथी देवी, सुष्मिता पंत, सहायक निदेशक अख्तर अली, डीएसओ रशिका सिद्दीकी, उप क्रीड़ाधिकारी बबीता बिष्ट, जानकी कनवाल, पूनम मेहता, नीता, पूनम सिरौला, सुनील, रितेश, राहुल सोनकर, देवेंद्र रावत, नागेश गुप्ता।


मुर्गा झपट के विजेता : महिला डिग्री कॉलेज, आम्रपाली, राजकीय पॉलीटेक्निक कालाढूंगी, लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज, आईटीआई हल्द्वानी, पाल कॉलेज, राजकीय पॉलीटेक्निक।


बट्टी के विजेता : आम्रपाली इंस्टीट्यूट, अरिहंत, एमबीपीजी कॉलेज
पिड्डू के विजेता: आम्रपाली इंस्टीट्यूट, महिला डिग्री कॉलेज, पाल कॉलेज, राजकीय पॉलीटेक्निक कालाढूंगी, एमबीपीजी कॉलेज, आईटीआई, लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज, अरिहंत।

कबड्डी के विजेता: रिलायंस क्लब, लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज, अरिहंत, पाल कॉलेज।
फुटसाल के विजेता: आम्रपाली कॉलेज, पॉलीटेक्निक कालाढूंगी, दून एफसी, सिक्स रेंजर्स, एमबीपीजी कॉलेज, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, पाल कॉलेज।
बाघ-बकरी के विजेता: महिला डिग्री कॉलेज(ए), महिला डिग्री कॉलेज(बी), राजकीय पॉलीटेक्निक कालाढूंगी, एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी। 

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