{"_id":"8f30f31859b6466551a52e999244dc8c","slug":"the-report-was-also-game-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपोर्ट में भी हुआ खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिपोर्ट में भी हुआ खेल
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 11 Jun 2015 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छह दिन पहले बेस अस्पताल में डीएम दीपक रावत के छापे की जो रिपोर्ट भेजी गई, उसमें भी खेल हुआ है। रिपोर्ट में कई बिंदुओं का उल्लेख नहीं है। हालांकि, डीएम कार्यालय से नए सिरे से रिपोर्ट तैयार की जा रही है और नोटिंग की मूल प्रति भी मंगाई जा सकती है। वहीं, तीन दिन की मियाद पूरी होने के बावजूद डाक्टर समेत चार अन्य लोगों ने अपना स्पष्टीकरण सीएमएस को नहीं दिया है।
विज्ञापन
डीएम ने बताया कि पिछले बृहस्पतिवार को जब उन्होंने बेस अस्पताल में छापा मारा था, तब अस्पताल के ही एक कर्मचारी को नोटिंग का जिम्मा सौंपा गया था। रावत ने बताया कि अस्पताल की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें कई बिंदु गायब हैं। उन्होंने कहा कि नोटिंग की मूल प्रति मंगाई जाएगी और उसके अनुरूप जांच सौंपी जाएगी। साथ ही छापे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दूसरी ओर सीएमएस को छापे के चार दिन बाद डाक्टर समेत चार अन्य से जवाब-तलब करने की सुध आई। तीन दिन में डाक्टर समेत चार अन्य को जवाब देने को कहा गया था, सीएमएस डा. एससी पंत ने बताया कि तीन दिन की मियाद खत्म होने के बाद भी किसी ने स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
विज्ञापन
कहीं जांच हल्की करने का प्रयास तो नहीं!
स्वास्थ्य महकमे से जुड़े एक अधिकारी अक्सर डीएम के खामियां पकड़ने के बाद तत्काल जांच शुरू कर देते हैं और रिपोर्ट स्वास्थ्य महकमे को भेज देते हैं। सूत्रों के अनुसार डीएम के छापे और जांच को हल्का करने के लिए तो स्पष्टीकरण नहीं तलब किया गया। स्पष्टीकरण आने के बाद रिपोर्ट पहले ही स्वास्थ्य महकमे को भेज दी जाए, ताकि डीएम की रिपोर्ट का असर कम हो जाए।
विज्ञापन